Homeहरियाणाकरनालसीएम सिटी में 23 लाख का घोटाला

सीएम सिटी में 23 लाख का घोटाला

इशिका ठाकुर ,करनाल:
  • सत्ताधारी नेता के भाई ने डकारा बीपीएल का राशन, शारीरिक शोषण के लिए दबाव बनाने का आरोप
  • सीनियर डिप्टी मेयर का भाई है रामनगर का आरोपी डिपो होल्डर
हरियाणा के जिला करनाल में सुशासन के नाम पर गरीबों की मदद के दावों की निगरानी कमजोर होने के कारण लाखों रुपये का घोटाला कर लिया गया है। रामनगर थाना के सामने स्थित गली में राशन डिपो किसी और का नहीं बल्कि सत्ताधारी पार्टी में लंबे से कार्यरत राजेश कुमार अघ्घी के भाई का है। सीनियर डिप्टी मेयर के भाई द्वारा महिलाओं को शारीरिक शोषण के लिए दबाव बनाने के साथ-साथ फर्जी बीपीएल से वर्षों से राशन की राशि हड़पने का है। सत्ता में पहुंच ही एक कारण है कि जब पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार करती तब तक आरोपित डिपो होल्डर, उसकी पत्नी और बेटा गायब हो गए थे। भ्रष्टाचार का मामला उजागर होने के बाद जहां विपक्ष ने सरकार की ईमानदार नीति से कार्य करने पर सवाल खड़े किए हैं वहीं सत्ताधारियों ने अपने जुबान बंद कर रखी है। फिलहाल पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है।

लंबे समय से फर्जी बीपीएल कार्ड कर चला खेल

आरोपित डिपो होल्डर भारत भूषण सहित उनकी पत्नी और भतीजे पर सेक्टर-32-33 में इस बात के लिए मामला दर्ज किया गया है कि तीनों ने मिलकर 44 फर्जी बीपीएल कार्ड बनाए हैं और प्रदेश सरकार का 2271705 रुपये का गबन कर लिया है। आरोपित द्वारा इतने लंबे से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के माध्यम से सरकार को चूना लगा रहा था और विभाग के जिम्मेदार सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधी भी आंख मूंदे बैठे रहे। इससे साफ होता है कि बिना सत्ता की पहुंच के इतने बड़े घोटाले को अंजाम नहीं दिया जा सकता है। 44 फर्जी बीपीएल लोग कौन हैं और कहां से आए हैं। अगर वह सही में क्षेत्रवासी हैं तो उन्होंने संबंधित डिपो होल्डर के खिलाफ शिकायत क्यों नहीं दी। मामला जो भी हो एक बात साफ है कि सीनियर डिप्टी मेयर के भाई द्वारा घोटाले के बाद प्रदेश के सत्ताधारियों के दावे राजनीतिक बन कर रह गए हैं।

ये दी थी शिकायत

बीती 26 अप्रैल को न्यू प्रेम नगर निवासी मोनू सेठी ने डिपोधारक रामनगर के खिलाफ शिकायत दी थी जिसमें उसने डिपो होल्डर पर फर्जी बीपीएल राशनकार्ड बनाने व जो औरते व लड़किया राशन लेने आती थी उनको शररीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया करता था। मामले की जांच डीएफएससी विभाग के अधिकारी रविन्द्र जागलान ने मामले की जांच की और जांच घोटाले की परते खुली। जांच रिपोर्ट के आधार पर सेक्टर 32 33 थाना पुलिस ने मुकदमा नंबर 601 दिनांक 23.08.2022 को विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। जांच अधिकारी रामफल के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। वहीं राशन डिपो होल्डर भारत भूषण के अनुसार उन पर लगे आरोप बेबुनियाद है।

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