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करनाल : जिले के 2 अनाथ बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में किया गया शामिल : डीसी

प्रवीण वालिया, करनाल :
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा कोरोना महामारी से निराश्रित हुए बच्चों के पुनर्वास और सहायता करने व सुरक्षित भविष्य देने के मकसद से शुरू की गई मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा कि कहा कि कोरोना महामारी में माता-पिता की मृत्यु के बाद अनाथ हुए बच्चों को इस योजना से शीघ्र ही सहायता मिलनी आरंभ हो जाएगी यानि इस योजना के तहत ऐसे सभी बच्चे, जिन्होंने अपने माता-पिता या उनका पालन पोषण करने वालों को खोया है उनको हरियाणा सरकार से आर्थिक सहायता दी जाएगी।

उपायुक्त सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला स्तरीय मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस बैठक में योजना के तहत दो बच्चों को शामिल किया गया जिनके माता-पिता कोविड के कारण चले गए। इनमें एकलव्य पुत्र स्व. संदीप भगत मंडी करनाल का रहने वाला है। इनकी माता गीता देवी का स्वर्गवास कोविड के कारण हुआ है जबकि इनके पिता पहले ही स्वर्गवासी थे। अब यह अपने घर पर ही अपनी बड़ी बहन के पास रह रहे हैं। यहीं पर ही इन्हें इस योजना का सरकार द्वारा लाभ दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जगदीप पुत्र सुखविन्द्र सिंह करनाल के रहने वाले हैं। इनके पिता का कोविड के कारण स्वर्गवास हो गया जबकि इनकी माता पहले ही स्वर्गवासी हैं। अब यह अपनी मौसी के पास रहते हैं। इन दोनों बच्चों की आयु 15 वर्ष से कम है। इन्हें सरकार द्वारा 18 वर्ष तक योजना का लाभ दिया जाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि इस योजना के तहत 18 वर्ष तक 2500 रुपये प्रति बच्चा प्रति महीना, बिना परिवार के बच्चों की देखभाल करने वाले बाल देखभाल संस्थान को 1500 रुपये प्रति बच्चा प्रतिमास 18 वर्ष तक की आयु तक, अन्य पूरा खर्चा बाल देखभाल संस्थान द्वारा वहन किया जाएगा। इसी प्रकार 18 वर्ष तक पढ़ाई के दौरान प्रतिवर्ष 12000 रुपये अन्य खर्चों के लिए भी सरकार द्वारा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 8वीं से 12वीं या व्यावसायिक पाठ्यक्रम में किसी भी कक्षा में पढऩे वाले बच्चों को टेबलेट की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

उन्होंने बताया कि कोविड महामारी के कारण अनाथ हुई लड़कियों को मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि बालिका के नाम पर बैंक में रखी जाएगी और विवाह के समय उन्हें ब्याज सहित पूरी राशि दी जाएगी। गैर संस्थागत देखभाल में बच्चों के लिए वित्तीय सहायता और विवाह पर लड़कियों को सहायता का लाभ प्रदान करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग नोडल होगा। इस मौके पर जिला बाल कल्याण समिति के चेयरमैन उमेश चानना, जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल चौधरी, परियोजना अधिकारी राजबाला, संरक्षण अधिकारी रीना कादियान, डा. संजीव चानना, डा. कमलेश उपस्थित रही।

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