HomeहरियाणाकैथलEmployees Roaring Against the Govt: सरकार के खिलाफ गरजे कर्मचारी

Employees Roaring Against the Govt: सरकार के खिलाफ गरजे कर्मचारी

मनोज वर्मा, कैथल:

Employees Roaring Against the Govt : हरियाणा सरकार द्वारा ओबीसी क्रीमीलेयर को लेकर जारी अधिसूचना को रद्द करवाने बारे एससी बीसी एकता मंच की एक आवश्यक मीटिंग अंबेडकर भवन खुराना रोड़ कैथल में हुई।

बैठक की अध्यक्षता एससी बीसी एकता मंच के जिला प्रधान धर्मपाल रति ने की एवं मंच का संचालन महासचिव सुरेश लोधर ने किया। मीटिंग में उपस्थित वक्ताओं ने 17 नवंबर को हरियाणा सरकार द्वारा जारी ओबीसी क्रीमी लेयर की अधिसूचना को रद्द करवाने बारे अपने अपने विचार व्यक्त किए।

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सुप्रीम कोर्ट की अवमानना कर हरियाणा सरकार ने क्रीमी लेयर की शर्त को छ: लाख किया Employees Roaring Against the Govt

उन्होंने कहा कि केंद्र में अभी तक क्रीमी लेयर के लिए आठ लाख की आय की शर्त है। जिसके अनुसार तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन को और खेती की आय को क्रीमी लेयर से बाहर रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार की अवमानना करते हुए हरियाणा सरकार ने क्रीमी लेयर की शर्त को छ: लाख कर दिया है।

इसके साथ ही साथ तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के वेतन से आय, खेती से प्राप्त आय और अन्य व्यवसाय करने वाले जिनकी आय छ: लाख से ऊपर है को भी इस श्रेणी में रख दिया गया है। यह अधिसूचना पिछड़े वर्ग के अधिकारों पर बहुत बड़ा हमला है।

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सरकार ने की पिछड़े वर्ग को दोफाड़ करने की साजिश Employees Roaring Against the Govt

सरकार ने पिछड़े वर्ग को दोफाड़ करने की साजिश की है। हरियाणा सरकार संविधान की अवहेलना करके मनमर्जी करना चाहती है। जो सहन नहीं की जाएगी।

भारतीय संविधान के अनुसार कहीं पर भी पिछड़े वर्ग के लिए क्रीमी लेयर से संबंधित कोई प्रावधान नहीं है। आज की बैठक में 117वें सविधान संशोधन को लागू करने की भी मांग की गई तथा अन्य पिछड़े वर्गों को भी पदोन्नति में आरक्षण की मांग की गई।

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मुख्य मांगें Employees Roaring Against the Govt

127वें संविधान संशोधन को रद्द किया जाना चाहिए। 117 वां संविधान संशोधन लागू करके अनुसूचित जाति, जनजाति के साथ-साथ अन्य पिछड़े वर्ग को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए।

पिछड़े वर्ग को हाई कोर्ट -सुप्रीम कोर्ट के साथ-साथ प्रथम व द्वितीय श्रेणी तथा सेना में भी 52त्न आरक्षण मिलना चाहिए। सभी जातियों की जातिगत गणना करवाई जानी चाहिए और ओबीसी को संख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए।

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ओबीसी को लोकसभा व विधानसभा में उनकी संख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। बैठक में 2 अप्रैल 2018 को अनुसूचित जाति के लोगों पर बनाए गए सभी मामलों को रद्द करने की मांग की गई।

आने वाले 15 दिसंबर को एससी बीसी एकता मंच एससी और बीसी समाज को इक_ा करके उक्त मांगों और क्रीमी लेयर की सूचना को रद्द करवाने बारे उपायुक्त कैथल को मुख्यमंत्री व राज्यपाल को ज्ञापन देगा। यदि सरकार अधिसूचना को रद्द नहीं करती ह,ै तो एक बड़े आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी जिसके लिए सरकार जिम्मेवार होगी।

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ये रहे उपस्थित Employees Roaring Against the Govt

इस अवसर पर धर्मवीर प्रजापति ,राजपाल, चांदीराम रंगा, नफे सिंह पूर्व सरपंच, शमशेर कालिया, सुरेंद्र भारतीय, सुरेश द्रविड़, राजेश कुमार, सुनील प्रजापति, दलवीर राठी, सतबीर बोहत, अमरनाथ किठानिया, रमेश गिल, संजय भोरिया पूर्व एमसी, अमनदीप जेई, करनैल सिंह बागड़ी, हरि सिंह, रामेश्वर किठाना, डॉ राजेश सिमरा, वेदप्रकाश रंगा, गुरुदेव जांगड़ा इंदर सिंह सुभाष जांगड़ा, श्रवण ग्रोवर,सुरेंद्र रोहिल्ला व अन्य बहुत से साथी उपस्थित रहे।

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