
किशोरी को असम से ऊंचे दाम पर बेचने के लिए लाए थे, पति पर पहले भी दर्ज है मानव तस्करी का केस
Haryana Crime News (आज समाज), सोनीपत : सोनीपत निवासी दंपति को मानव तस्करी भारी पड़ गई। असम से लाई गई किशोरी का कोई खरीदार नहीं तो वह उनके साथ ही रहने लग गई। पिछले दिनों किशोरी को बुखार हुआ और उसकी मौत हो गई। उक्त दंपति ने उसका अंतिम संस्कार करने की बजाय उसे एक गांव के जोहड़ किनारे गड्ढा खोदकर उसमें दबा दिया।
हालांकि दंपति की किस्मत खराब निकली और गांव के कुत्तों ने शव उक्त गड्ढे से बाहर निकाल दिया। जब ग्रामीणों ने शव देखा तो उन्होंने सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए उक्त दंपति पर केस दर्ज करते हुए पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि पति अभी फरार है।
पति पर पहले भी दर्ज है केस
पुलिस के मुताबिक, ओम प्रकाश के खिलाफ खरखौदा थाने में पहले से मानव तस्करी से संबंधित मामला दर्ज है। पुलिस अब पुराने मामले और इस घटना के बीच किसी कड़ी की भी जांच कर रही है। साथ ही किशोरी के परिवार और असम में उसके मूल स्थान के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मुरथल थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि जयंती को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। उसका पति ओम प्रकाश अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं।
ढाई साल पहले असम से खरीदकर लाए थे
प्रारंभिक जानकारी में यह सामने आया है कि उक्त दंपति इस किशोरी को ढाई साल पहले असम से खरीदकर लाया था। उसे आगे किसी व्यक्ति को अच्छे दाम में बेचने की योजना थी। यहां खरीदार नहीं मिला। वह जयंती और उसके पति ओम प्रकाश के साथ उनके घर में ही रहने लगी। बीते दिनों किशोरी को टाइफाइड हुआ। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आरोप है कि इसके बाद अंतिम संस्कार करने के बजाय जयंती और ओम प्रकाश शव को गाड़ी में रखकर मलिकपुर गांव ले गए और जोहड़ के पास करीब दो फीट गहरा गड्ढा खोदकर उसे जमीन में दबा दिया।

