Homeराज्यहरियाणाहरियाणा: नींबू के तेवर तल्ख, ढाबों और रेस्टोरेंट में परोसना बंद

हरियाणा: नींबू के तेवर तल्ख, ढाबों और रेस्टोरेंट में परोसना बंद

नींबू की बढ़ी कीमतों पर अब तक रोक नहीं लग पाई है। पंजाब के साथ-साथ हरियाणा और आसपास के प्रदेशों में इसके तेवर तल्ख हो चुके हैं। पेट्रो पदार्थों के दामों में बढ़ोत्तरी इसका मूल कारण माना जा रहा है। इसका एक कारण इसकी कम उपज भी है। ज्यादा गर्मी के साथ राज्य में नींबू की कीमतें 250-300 रुपये किलोग्राम तक पहुंच गई है।

आज समाज डिजिटल, अंबाला:
नींबू की बढ़ी कीमतों पर अब तक रोक नहीं लग पाई है। पंजाब के साथ-साथ हरियाणा और आसपास के प्रदेशों में इसके तेवर तल्ख हो चुके हैं। पेट्रो पदार्थों के दामों में बढ़ोत्तरी इसका मूल कारण माना जा रहा है। इसका एक कारण इसकी कम उपज भी है। ज्यादा गर्मी के साथ राज्य में नींबू की कीमतें 250-300 रुपये किलोग्राम तक पहुंच गई है।

वजह: दो बार खराब हो चुकी फसल

हरियाणा में नींबू और कीनू के लिए पंजाब की ओर देखा जाता है। यहां पिछले दो मौसमों में इसकी फसल खराब होना भी इसका कारण माना जा रहा है। दो बार से यहां के किसान नींबू कम लगा रहे हैं। इसके अलावा गुजरात में नींबू की फसल को प्रभावित करने वाले चक्रवात के कारण आपूर्ति में कमी आई है।

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सितंबर और अक्टूबर में फसल प्रभावित

हरियाणा: नींबू के तेवर तल्ख, ढाबों और रेस्टोरेंट में परोसना बंद
हरियाणा: नींबू के तेवर तल्ख, ढाबों और रेस्टोरेंट में परोसना बंद

सब्जी कारोबारी भारत कुमार बताते हैं कि आपूर्ति कम होने से नींबू का सुरक्षित भंडार कम हो गया है। इसके अलावा डीजल-पेट्रोल की ऊंची कीमतों से परिवहन लागत भी बढ़ी है। इस कारण कीमतें बढ़ी हुई हैं। हालांकि वे उम्मीद भी जताते हैं कि कुछ वक्त गुजरते ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। इस बीच, किसान और व्यापारी इसे सबसे दुर्लभ वर्षों में से एक मान रहे हैं, जब लगातार दो मौसमों में फसल खराब हुई है। सितंबर, अक्टूबर में बारिश से नींबू की खेती प्रभावित हुई। जबकि इस साल फरवरी, मार्च में उच्च तापमान के कारण छोटे फल गिर गए। इससे उपज में गिरावट आई।

जीटी रोड के साथ भोजनालयों में नींबू बंद

ऊंची कीमतों ने नींबू के उपयोग में कटौती शुरू हो गई है। सड़क किनारे ढाबों और भोजनालयों ने नींबू परोसना बंद कर दिया है। छोटे रेस्टोरेंट, कैंटीन आदि ने लेमन ड्रिंक्स के दाम बढ़ा दिए हैं, जबकि उसे सलाद की प्लेट से हटा दिया है। वहीं शिकंजी और चाट विक्रेताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बड़े होटल और रेस्तरां मुनाफे में कटौती करके नींबू परोस रहे हैं।

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