Haryana News: आजकल साइबर ठग आम लोगों के साथ बड़े-बड़े अफसरों को भी निशाना बनाना लगे हैं। एक हालिया मामला हरियाणा से सामने आया है। राज्य के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के प्रमुख और सीनियर आईपीएस अधिकारी डॉ. अरशिंदर चावला की फेसबुक आईडी हैक कर ली गई। ठगों ने अफसर के अकाउंट को हैक करने के बाद उनके दोस्तों को मैसेज किए और पैसों की मांग की। जानकारी मिलने पर अफसर ने खुद लोगों अलर्ट किया और पैसे न भेजने की अपील की। अब यह मामला चर्चाओं का विषय बन गया है, क्योंकि साइबर ठगों के मन में अफसरों का डर भी नजर नहीं आ रहा है।
जानकारी के अनुसार साइबर ठगों ने डॉ. अरशिंदर चावला की फेसबुक आईडी को निशाना बनाया। इसके बाद उनकी पहचान और संपर्क सूची में मौजूद लोगों को फंसाने की कोशिश की गई। ठगों ने एक नकली फेसबुक प्रोफाइल के जरिए चावला के परिचितों से संपर्क किया और मदद के नाम पर पैसे उधार मांगने शुरू कर दिए। डॉ. चावला हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रमुख हैं। इसके अलावा उनके पास डीजी जेल की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी है। ऐसे वरिष्ठ अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने की कोशिश ने साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को फिर सामने ला दिया है।
फोन आने पर हुआ मामले का खुलासा
मामले का पता तब चला जब चावला के एक परिचित ने उन्हें फोन करके बताया कि किसी संदिग्ध फेसबुक प्रोफाइल से उससे संपर्क किया गया है। उस प्रोफाइल के जरिए चावला के नाम पर मदद के लिए पैसे मांगे जा रहे थे। फोन पर मिली इस जानकारी के बाद अधिकारी को समझ आया कि उनकी फेसबुक पहचान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए लोगों को पूरे मामले की जानकारी दी और किसी भी तरह के संदेश या पैसों की मांग पर भरोसा नहीं करने की अपील की।
चावला ने लोगों को किया सावधान
डॉ. अरशिंदर चावला ने लोगों से कहा कि अगर उनके नाम से कोई नया या संदिग्ध फेसबुक अकाउंट दोस्ती का अनुरोध भेजता है या मैसेज करके आर्थिक मदद मांगता है, तो उस पर तुरंत विश्वास न करें। पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे फोन पर बात करके जानकारी की पुष्टि जरूर करें। उन्होंने खास तौर पर अपने परिचितों को सावधान रहने की सलाह दी, ताकि कोई व्यक्ति उनकी नकली पहचान के झांसे में आकर पैसे न गंवा दे।
सोशल मीडिया पर खूब हो रहा फ्रॉड
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर ठग सोशल मीडिया पर किसी की पहचान का गलत इस्तेमाल करके उसके परिचितों को आसानी से निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं। किसी भरोसेमंद व्यक्ति के नाम से आया मैसेज भी बिना पुष्टि किए सच मान लेना नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे मामलों में सबसे जरूरी सावधानी यही है कि अचानक पैसे मांगने वाले किसी भी सोशल मीडिया संदेश पर तुरंत भुगतान न करें। पहले फोन करके पुष्टि करें और संदिग्ध प्रोफाइल या संदेश की सूचना संबंधित प्लेटफॉर्म और साइबर पुलिस को दें।


