BHEL plant silver theft: गुरुग्राम में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के एमॉर्फस सिलिकॉन सोलर सेल प्लांट से 31.65 किलोग्राम चांदी के गबन का मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले की एफआईआर दर्ज की है। मौजूदा कीमत के हिसाब से इस चांदी की कीमत लगभग 71 लाख रुपये थी।
अधिकारियों के खिलाफ मिले सबूत
रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा कीमत के हिसाब से इस चांदी की कीमत लगभग 71 लाख रुपये थी। 6 फरवरी, 2024 को प्लांट में फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान यह कमी सामने आई। FIR के मुताबिक, 26 फरवरी को पूरी हुई CBI की शुरुआती जांच में प्लांट हेड और एडिशनल जनरल मैनेजर डॉ. भरत कुमार पंत और उस समय मटीरियल मैनेजमेंट इंचार्ज रहे आशीष कुमार के खिलाफ गंभीर अपराधों (कॉग्निजेबल ऑफेंस) के शुरुआती सबूत मिले हैं।
IPC के तहत मामला दर्ज
एजेंसी ने 8 जुलाई को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इसमें आपराधिक साजिश, सबूत मिटाने और सरकारी कर्मचारियों द्वारा विश्वासघात करने जैसे अपराध, साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
31.65 किलो चांदी का हिसाब नहीं
शिकायत के अनुसार, रिकॉर्ड से पता चला कि 2016-17 तक प्लांट में लगभग 35.6 किलोग्राम चांदी के टारगेट और दोबारा इस्तेमाल लायक चांदी मौजूद थी, जो नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की फंडिंग से हासिल की गई थी। यह मात्रा रिकॉर्ड और ऑडिट ऑब्जर्वेशन में लगातार दिखाई देती रही।
हालांकि, फरवरी 2024 की जांच में तिजोरी के अंदर सिर्फ 6.23 किलोग्राम चांदी मिली। शिकायत में अलग से बताया गया कि लगभग 31.65 किलोग्राम चांदी का कोई हिसाब-किताब नहीं था।
इन्वेंट्री रिपोर्ट और स्टॉक रजिस्टर गायब
जांच में पता चला कि 2018 तक सालाना जांच की जाती थी, लेकिन 2019 में पंत के प्लांट का इंचार्ज बनने के बाद इसे बंद कर दिया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि अहम सालों की इन्वेंट्री रिपोर्ट और स्टॉक रजिस्टर गायब थे और चांदी के इस्तेमाल, आवाजाही या कस्टडी का रिकॉर्ड रखने के लिए कोई सही सिस्टम नहीं था।


