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नौकरी दिलवाने के नाम पर देशभर में ठगी की 335 वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश

आज समाज डिजिटल,फरीदाबाद:
पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा द्वारा धोखाधड़ी व साइबर ठगी के मामलों में शामिल आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के दिशा-निर्देश तहत कार्रवाई करते हुए साइबर थाना एनआईटी प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत की टीम ने देशभर में ठगी की 335 वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी बकाया है जिनकी तलाश की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुतीब अहमद, मोहम्मद फैयाज, ललित, मोहम्मद फईम तथा शहबाज अहमद उर्फ गोलू का नाम शामिल है। आरोपी मोहम्मद फहीम तथा शहबाज अहमद उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं वहीं बाकी तीन आरोपी दिल्ली में रह रहे थे।

5 आरोपियों को साईबर थाना एनआईटी की टीम ने किया गिरफ्तार

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कोई भी व्यक्ति अपनी शिक्षा, ज्ञान और मेहनत के अनुसार सरकारी या प्राइवेट नौकरी प्राप्त कर सकता है। किसी भी प्रतिष्ठित कंपनी में काम करना एक पढ़े लिखे व्यक्ति का सपना होता है जिसे पूरा करने के लिए वह जी तोड़ मेहनत करते हैं। नौकरी प्राप्त करने के लिए आजकल बहुत सारी ऑनलाइन वेबसाइट उपलब्ध है जिनपर व्यक्ति अपनी योग्यता के आधार पर नौकरी सर्च कर सकता है परंतु कुछ ठग प्रवृत्ति के व्यक्ति इसका गलत फायदा उठाकर लोगों के साथ धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देते हैं। इसी प्रकार की धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देते हुए एक साइबर ठग गिरोह ने ऑनलाइन नौकरी तलाश की वेबसाइट का सहारा लेकर फरीदाबाद के रहने वाले एक व्यक्ति के साथ साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।

आरोपियों के कब्जे से 1 लैपटॉप, 1 कंप्यूटर, 1 मोबाइल फोन, 1 चेक बुक तथा 3 लाख 97 हजार रुपए बरामद

24 जून 22 को साइबर पुलिस थाना एनआईटी में धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था जिसमें पीडि़त सुभाष ने बताया कि आरोपियों ने उसके साथ 6 लाख 80 हजार रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। पीडि़त की शिकायत के आधार पर थाने में मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच शुरू की गई।  पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा ने मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए आरोपियों की धरपकड़ के निर्देश दिए जिसके तहत डीसीपी एनआईटी नीतीश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत की अगुवाई में पुलिस टीम का गठन किया गया जिसमें उप निरीक्षक राजेश, सहायक उप निरीक्षक सत्यवीर, भूपेंद्र नरेंद्र व नीरज, महिला सिपाही प्रीति, सिपाही संदीप, अमित तथा अंशु का नाम शामिल था। साइबर थाना की टीम ने तकनीकी के माध्यम से मामले में शामिल पांच आरोपियों को उत्तर प्रदेश व दिल्ली एनसीआर एरिया से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में सबसे पहले आरोपी मुतीब तथा फैयाज को दिनांक 27 जून को दिल्ली के शाहदरा में स्थित एक कॉल सेंटर से गिरफ्तार करके 8 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।

निशानदेही पर आरोपी फईम तथा शहबाज को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया

जिसके पश्चात आरोपियों की निशानदेही पर 3 जुलाई को आरोपी फईम तथा शहबाज को गिरफ्तार करके 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया तथा अंतिम आरोपी ललित को दिनांक 9 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी दिल्ली के शाहदरा में एक फर्जी कॉल सेंटर चलाते थे जिसमें वेबसाइट से नौकरी की तलाश कर रहे व्यक्ति की जानकारी एकत्रित करते थे और उस व्यक्ति से संपर्क करके उन्हें एयर एशिया कंपनी में एक बहुत अच्छे सैलरी पैकेज का लालच देकर देते थे जिससे व्यक्ति उनके झांसे में आ जाता था। इसके पश्चात फिल्मी अंदाज में नौकरी की तलाश कर रहे व्यक्ति का इंटरव्यू लिया जाता था जिसके पश्चात वह बताते थे कि उनका सिलेक्शन एयर एशिया के लिए हो चुका है और वह एयर एशिया का फर्जी ऑफर लेटर तैयार करके कुरियर के माध्यम से इसे व्यक्ति के घर पंहुचा देते थे। ऑफर लेटर मिलने के पश्चात जब व्यक्ति को यकीन हो जाता कि वह एयर एशिया कंपनी के लिए सेलेक्ट हो चुका है तो आरोपी उसे रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी चार्ज, मेडिकल चार्ज व ट्रेनिंग करवाने के नाम पर अलग-अलग बहानों से पैसे मांगते रहते थे और जब पैसा उनके खातों में ट्रांसफर हो जाता था तो अपना मोबाइल नंबर बंद कर लेते थे।

मोहम्मद फईम वारदात का मुख्य आरोपी

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मोहम्मद फईम इस वारदात का मुख्य आरोपी है जो कॉल सेंटर का मालिक है। आरोपी शहबाज तथा ललित द्वारा फर्जी बैंक खाता तथा सिम उपलब्ध करवाई जाती थी। आरोपी मुतीब तथा फैयाज कॉल सेंटर में कॉल, ईमेल तथा कंपनी का फर्जी अप्वाइंटमेंट लेटर भेजने का काम करते थे। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयोग एक कंप्यूटर, एक लैपटॉप, दो मोबाइल, एक चेक बुक तथा 3 लाख 97 हजार रुपए बरामद किए गए हैं। आरोपियों द्वारा बरामद किए गए मोबाइल को ट्रेस करने पर सामने आया कि आरोपी देशभर में साइबर ठगी की 335 वारदातों को अंजाम दे चुके हैं जिसमें उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 118, राजस्थान में 33, तेलंगाना में 33, गुजरात में 27, दिल्ली में 24 तथा केरला की 19 मुख्य वारदातें शामिल है। आरोपी हरियाणा में भी साइबर ठगी की 8 वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। रिमांड पूरा होने के पश्चात आरोपी मुतीब तथा फैयाज को पहले ही जेल भेजा जा चुका था वहीं 10 जुलाई को आरोपी फईम, शहबाज तथा ललित को अदालत में पेश करके जेल भेज दिया गया है।
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