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करनाल : स्वतंत्रता दिवस पर नागरिकों को मिल सकता है आई.सी.सी.सी. लाईव होने का तोहफा  

प्रवीण वालिया, करनाल :
स्मार्ट सिटी के बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आई.सी.सी.सी. को लाईव करने में अब देरी की गुंजाईश नहीं। सम्भवत: स्वतंत्रता दिवस पर शहर के नागरिकों को इस प्रोजेक्ट के चालू होने की सौगात मिल सकती है। इसके साथ ही करनाल देश के उन शहरों में शुमार हो जाएगा, जहां यातायात नियंत्रण के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित हैं। बुधवार को उपायुक्त एवं करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ निशांत कुमार यादव ने शहर के सेक्टर-12 स्थित म्यूनिसिपल भवन की दूसरी मंजिल पर बनाए गए आई.सी.सी.सी. का निरीक्षण करने के बाद जानकारी दी और कहा कि अब इसका काम लगभग मुकम्मल हो गया है। टैस्टिंग पर काम चल रहा है, ताकि लाईव या चालू होने पर इसमें किसी प्रकार की खामी न रहे।
आई.सी.सी.सी. एक बड़ा प्रोजेक्ट
यूं तो स्मार्ट सिटी में अनेको प्रोजेक्ट हैं, जिन पर काम हो रहें है। लेकिन आई.सी.सी.सी. का प्रोजेक्ट एक बड़ा प्रोजेक्ट है। इसके तहत शहर के 29 चौक-चोराहों पर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। इन सभी की कनैक्विटी फाईबर केबल के साथ सेंटर से जोड़ी गई है। सर्वे से लेकर इंस्टालेशन तक का काम बड़ी सावधानी और जंक्शन की स्थिति अनुसार किया गया है। ऐसे काम के लिए समय लगना स्वभाविक है। दूसरी ओर सेक्टर-12 स्थित म्यूनिसिपल भवन की दूसरी मंजिल पर सेंटर की स्थापना का कार्य लगातार जारी रहा। बतौर उपायुक्त कोविड के दिनों में भी इसका काम नहीं रोका गया। हालांकि सेंटर में जो उपकरण स्थापित किए गए हैं, उनकी ट्रांसपोर्टेशन और डिलीवरी में कोविड का प्रभाव रहा, लेकिन अब यह लगभग मुकम्मल हो गया है। इसी को लेकर गो-लाईव यानि चालू होने से पहले इसका निरीक्षण किया गया है।
हर चौक-चोराहे पर हैं अलग-अलग कैमरे
निरीक्षण के दौरान सीईओ ने जानकारी दी कि अत्याधुनिक कैमरों की अलग-अलग विशेषताएं हैं। इनमें 50 पी.टी. जैड कैमरे लगाए गए हैं, जो 360 डिग्री पर घूमते हैं, 100 फिक्स कैमरे हैं। गाड़ियों के नम्बर प्लेट कैप्चर करने वाले 138 ए.एन.पी.आर. कैमरे हैं, जिनके साथ आई.आर. यानि इंट्रा रैड डिवाईस लगाई गई है, जो दिन में बंद रहती है, रात को गाड़ियों का नम्बर चैक करने के लिए एक्टिव हो जाती है। इसी प्रकार रेड लाईट का वायलेशन देखने के लिए 69 आर.एल.वी.डी. कैमरे लगाए गए हैं, जबकि स्पीड का वायलेशन देखने के लिए 20 कैमरे लगाए जा रहे हैं, इनके साथ एक-एक राडार भी लगेगा, जो स्पीड चैक करने के लिए होगा। कैमरो की कुल संख्या 500 से ज्यादा है।  
पी.ए.एस., ई.सी.बी. और वी.एम.बी. भी शामिल हैं प्रोजेक्ट में
सीईओ ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में चौक-चोराहों पर 125 पब्लिक एड्रेस सिस्टम, 31 एमरजेंसी कॉल बॉक्स और 31 वेरीएबल मैसेज डिस्पले बोर्ड भी शामिल किए गए हैं, इनकी इंस्टालेशन का काम भी हो चुका है, 5 वी.एम.बी. ओर स्थापित होंगे। पब्लिस एड्रेस सिस्टम से चौक-चोराहों पर सूचनाएं प्रसारित की जाएंगी। आई.सी.सी.सी. में उपायुक्त की विजिट के दौरान केएससीएल के जीएम रमेश मढ़ान, स्पोर्ट इंजीनियर मोहन शर्मा, पीएमसी प्रवीन झा, पीएमसी मैनेजर उत्सव, मद्रास सिक्योरिटी प्रिंटर्स के सहायक उप प्रधान एन.वी. पांडयन, प्रोजेक्ट हैड हितेश दवे तथा सेंटर के आई.टी. मैनेजर कमलेश भी मौजूद रहे। 

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