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पहाड़ दरका या ब्लास्ट, होगी जांच Case Of Cracking Of Mountains During Mining

आज समाज डिजिटल, भिवानी:

Case Of Cracking Of Mountains During Mining हरियाणा के भिवानी के तोशाम एरिया में खनन के दौरान पहाड़ दरकने के मामले की जांच केंद्र सरकार का माइनिंग सेफ्टी डिपार्टमेंट गाजियाबाद करेगा। उनकी टीम ही इस पूरे मामले की जांच करेगी कि यह हादसा पहाड़ दरकने के कारण हुआ है या फिर ब्लास्ट के कारण।

संबंधित विभाग को करा दिया अवगत Case Of Cracking Of Mountains During Mining

माइनिंग एंड जियोलाजी विभाग हरियाणा और एजेंसी ने माइनिंग सेफ्टी डिपार्टमेंट गाजियाबाद को इस मामले से अवगत करवा दिया है। हादसे में अब तक तीन लोग मारे जा चुके हैं। जबकि कईयों के दबे होने की आशंका है। मौके पर राहत कार्य जारी है।

2018 में हुआ था दस साल का टेंडर Case Of Cracking Of Mountains During Mining

गवर्धन माइन को 2018 में इसका माइनिंग का टेंडर मिला है। यह टेंडर दस साल का है। भिवानी के माइनिंग अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि एनजीटी के आदेशों के कारण कैशर बंद थे। कैशर बंद होने के कारण माइनिंग भी नहीं की जा रही थी। शुक्रवार को ही कैशर चलाने के लिए अनुमति मिली। वैसे ही प्राथमिक दृष्टिकोण में ही पहाड़ ही दरका है। हादसे की वजह स्पष्ट नहीं है क्योंकि बरसात के कारण पहाड़ जगह छोड़ जाता है। पिछले दिनों बरसात हुई थी। थोड़ा सा काम भी करते हैं तो वाइब्रेशन से पहाड़ हिलता है। पत्थर नहीं तोड़े। ब्लास्ट से ही तोड़ा जाता है।

माइनिंग सेफ्टी सेंटर गाजियाबाद करेगा जांच Case Of Cracking Of Mountains During Mining

डायरेक्टर माइनिंग सेफ्टी सेंटर गाजियाबाद के अधीन है। वे इसकी जांच करेंगे। ठेकेदार ने भी सूचना दे दी है। हरियाणा के माइनिंग मिनिस्टर मूलचंद शर्मा ने कहा कि अभी जांच की जाएगी। पहले राहत कार्य जारी है। उसके बाद ही स्पष्ट होगा कि पहाड़ दरकने का कारण ब्लास्ट है या नहीं इसकी जांच होगी। किसी की लापरवाही सामने आई तो सख्त कार्रवाई होगी।

बरती जा रही लापरवाही: किरण चौधरी Case Of Cracking Of Mountains During Mining

तोशाम की कांग्रेस विधायिका किरण चौधरी ने कहा कि वह पहले भी विधानसभा में खनन का मामला उठा चुकी है। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
हरियाणा के भिवानी जिले के तोशाम एरिया में शनिवार सुबह 8:30 बजे अरावली की पहाड़ियों में खनन के दौरान पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा दरक गया। इसमें 20 से 25 लोग पत्थरों के नीचे दब गए। शाम साढ़े 3 बजे तक 3 मजदूरों के शव निकाल लिए गए। पहाड़ दरकने से गिरे सैकड़ों टन वजनी पत्थरों के नीचे 4 पोकलेन मशीनें, 2 हॉल मशीनें, 2 ट्रैक्टर और 6 ट्रॉले व डंपर दब गए।

हादसे की सूचना मिलते ही भिवानी जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू करवाया। इसमें एनडीआरएफ की टीमें भी लगी हैं। वहीं पहाड़ का जो हिस्सा गिरा, उसमें तीन बड़े पत्थर हैं, जिन्हें हटाने में दिक्कत आ रही है। पुलिस और प्रशासन ने मीडिया के घटनास्थल पर जाने पर पाबंदी लगा दी।

पहाड़ टूटने से मशीनें भी दबीं

तोशाम इलाके के खानक और डाडम एरिया में अरावली के पहाड़ों में बड़े पैमाने पर खनन होता है। यहां का पत्थर हरियाणा के अलावा राजस्थान भी जाता है। प्रदूषण की वजह से दो महीने पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने यहां खनन पर रोक लगा दी थी। ये रोक हटने के बाद शुक्रवार को ही दोबारा खनन कार्य शुरू हुआ और शनिवार सुबह 8:30 बजे यह हादसा हो गया। जिस समय पहाड़ दरका, उस समय यहां आधा दर्जन से ज्यादा पोकलेन मशीनों के जरिये खनन किया जा रहा था। पत्थरों की ढुलाई के लिए कई डंपर और ट्रॉले वहां मौजूद थे। ये सब पहाड़ के बड़े पत्थरों के नीचे आ गए।

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Mohit Sainihttps://indianews.in/author/mohit-saini/
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