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भिवानी : जीबीटीएल व टीआईटी मिल के कर्मचारियों की मांगों व समस्याओं का समाधान करें : बलदेव

पंकज सोनी, भिवानी :
बेरोजगारी, निजीकरण व जीबीटीएल व टीआईटी मिल के कर्मचारियों की अनेक मांगों को लेकर एंटक द्वारा 18 अगस्त को शहर में प्रदर्शन कर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। यह फैसला शुक्रवार को यहां चिरंजीवी कालोनी स्थित मजदूर सभा के कार्यालय मेंएटक के जिला प्रधान ईश्वर शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक मेंमुख्य रूप से पहुंचे एटक के प्रदेश अध्यक्ष बलदेव सिंह घणघस ने कहा कि शहर के बीटीएम व टीआईटी मिल के हजारों मजदूर पिछले काफी समय से विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन समस्याओं व मांगों के बारे में दोनों मिल के प्रबंधन को भी अवगत करवाया जा चुका है लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीआईटी मिल कोबंद हुए लगभग आठ वर्ष हो चुके हैं। मजदूर व उनके आश्रितोंको बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों के बच्चों को रोजी रोटी के लाले पड़े हुए हैं। मजबूरन श्रमिकों को कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सरकार व जिला प्रशासन को हस्तक्षेप कर मजदूरों की मांगों व समस्याओं का समाधान करवाना चाहिए।  उन्होंने कहा कि जीबीटीएल श्रमिकों का ओवरटाईम दोगुना किया जाए। न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये किया जाये। मिल के अन्दर ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसे तुरन्त बंद किया जाये।

खस्ताहाल स्टाफ क्वार्टर की मुरम्मत करवाकर उन्हें श्रमिकों को आवंटित किया जाये। मजदूरों को हाजिरी पास उपलब्ध करवाये जाये। एटक के जिला प्रधान ईश्वर शर्मा ने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार बेरोजगारी व निजीकरण कोबढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पूर्व भाजपा ने करोड़ों युवाओं को प्रतिवर्ष नौकरी देने की बात कही थी लेकिन आज नौकरी देना तो दूर कर्मचारियों को नौकरियों से हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोडवेज में चालक-परिचालकोंका ओवरटाईम जोकि सन 2018 से बंद है, उसेपुन: लागू किया जाए। किलोमीटर स्कीम को बंद किया जाये। यह घाटे का सौदा है तथा सरकार को भारी नुक्सान उठाना पड़ रहा है। परिवहन विभाग में14 हजार नई बसें शामिल की जाएं। जिससे 65 हजार युवाओं कोरोजगार उपलब्ध हो सके। कर्मचारियों व पैंशनर्जस को डी.ए.का बकाया एरियर तुरंत दिया जाये। उन्होंने सरकार से मांग की है कि भवन निर्माण केमजदूरों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जा रही हैं। दो-तीन साल से कन्यादान फार्म भरे हुए हैं लेकिन आज तक कन्यादान राशि नहीं दी गई है। भवन निर्माण श्रमिकों के रद्द किए गए पंजीकरण कोतुरंत प्रभाव सेबहाल किया जाये। इस बैठक मेंरोडवेज के प्रधान सज्जन शर्मा, सचिव राकेश कुमार, भवन निर्माण से फूल सिंह इंदौरा, का.अमरेश राम, का.रवि प्रकाश पांडे, रणसिंह यादव, का.विघनेश्वर, सुरेंद्र शर्मा, रंगलाल, का.विक्रम सिंह चौहान, चरण सिंह, जितेंद्र सिंह समेत अनेक लोग मौजूद थे।

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