Homeराज्यहरियाणासंतुलित आहार, स्वस्थ जीवन का आधार : डॉ. मल्होत्रा

संतुलित आहार, स्वस्थ जीवन का आधार : डॉ. मल्होत्रा

संजीव कुमार, रोहतक: 

 वर्तमान में हम सभी के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सचेत होने की जरूरत है। आहार में हम कारबोहाईड्रेट, प्रोटीन, मीनरलर्स व विटामिन आदि भरपूर मात्रा में लेकर शरीर को कुपोषण व कई बीमारियों से बचा सकते हैं। उक्त विचार मुख्य वक्ता पीजीआईएमएस के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रवीन मल्होत्रा ने व्यक्त किए। वे शुक्रवार को जाट कॉलेज में एनएसएस दिवस पर विद्यार्थियों को ऑनलाईन माध्यम से ‘कुपोषण को हराना है-सबको स्वस्थ बनाना है’ विषय पर व्याख्यान में बोल रहे थे। कॉलेज प्राचार्य डॉ. महेश ख्यालिया व एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी सुशीला डबास ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया।
डॉ. मल्होत्रा ने बताया कि दूध, दही, लस्सी सेहत के लिए काफी लाभदायक हैं। दाल और पनीर में पर्याप्त प्रोटीन होता है जो पेट की बिमारियों से विशेष रूप से बचाता है। शाकाहारी भोजन से पेट की बिमारियां बहुत कम होती हैं। मानव शरीर के प्रत्येक हिस्से को पर्याप्त मात्रा में मीनरलर्स व प्रोटीन मिलने से शरीर बीमारियों से मुक्त रहता है और किसी प्रकार का कुपोषण होने की संभावना नहीं रहती है।
उन्होंने कहा कि साफ-सफाई के अभाव में यह बीमारी ज्यादा फैलती है इसके लिए खाने पीने में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि संतुलित आहार- स्वस्थ जीवन का आधार है। संतुलित आहार वह आहार है जिसमें सभी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन, खनिज-लवण और जल शारीरिक जरूरत के हिसाब से उचित मात्रा में मौजूद हो। संतुलित आहार न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि लंबी उम्र भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि पीलिया में शराब का सेवन और देशी दवाओं का प्रयोग करने से बचना चाहिए। स्वस्थ्य रहने के लिए आधा घंटा सैर या हल्का व्यायाम करना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य काला पीलिया को देश से खत्म करना है।
 प्राचार्य डॉ. महेश ख्यालिया ने कहा कि एनएसएस का मुख्य उद्देश्य बिना किसी इच्छा के दूसरों की सहायता करना और समाज की सेवा करना है। इसके उद्देश्यों में लोगों के साथ मिलकर कार्य करना, अपने और समुदाय के ज्ञान को बढ़ाना, शिक्षित और अशिक्षित के बीच की दूरी मिटाना, समस्याओं का हल निकालने के योग्य बनाना, समुदाय के कमजोर वर्ग की सेवा करना, राष्ट्रीय आपदाओं के समय सेवा के लिए अपने आपको तैयार करना है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना का प्रतीक चिन्ह इसके बैज पर अंकित है। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. जसमेर सिंह ने किया।
  इस अवसर पर एनएसएस की पांच इकाईयों के कार्यक्रम अधिकारी सुशीला डबास, डॉ. जसमेर सिंह, डॉ. शमशेर धनखड़, डॉ. मनीषा दहिया, डॉ. शीशपाल राठी सहित एनएसएस वालिंटियर्स ने भाग लिया।

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