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मेयर शक्तिरानी शर्मा की निगम कमिश्नर को दो टूक: विकास की बैठक हो तो बहाना कर बनाते दूरी

आज समाज डिजिटल, अंबाला:
शहर नगर निगम मेयर की ओर से सोमवार को लगाए खुले दरबार में एक बार फिर मेयर और अधिकारियों के बीच चली आ रही खींचतान सामने आई। हालात ये रहे कि मेयर ने जैसे ही दरबार शुरू करना चाहा और मीटिंग शुरू होने से पहले एनवक्त पर 11 बजे नगर निगम आयुक्त का लेटर प्राप्त हुआ। इसमें लिखा था कि इस दरबार की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि अधिकारी रोजाना लोगों की शिकायतें सुनते हैं।

लेटर देखकर मेयर खुद हैरान

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मेयर शक्तिरानी शर्मा ने कहा कि लेटर को देखकर वह खुद हैरान हो गई, क्योंकि यह दरबार उन्होंने कमिश्नर महोदय से सलाह करने के बाद ही रखा था। निगम आयुक्त ने विश्वास दिलाया था कि डीएमसी की ड्यूटी लगाएंगे, जिससे कि लोगों की समस्याओं को तुरंत दूर किया जा सके। मेयर ने कहा कि यदि अधिकारी लोगों की शिकायतें सुन रहे होते तो लोग इस संख्या में यहां नहीं पहुंचते। अंबाला की मेयर शक्तिरानी शर्मा ने कहा कि नगर निगम आयुक्त की ओर से दरबार की जरूरत न बताते हुए लेटर निकाला गया तो उन्होंने निगम आयुक्त से बातचीत की। निगम आयुक्त ने तर्क दिया कि तिरंगा यात्रा में सभी व्यस्त हैं इसी कारण वे नहीं आ सकते। मेयर ने कहा कि वे कमिश्नर महोदय को मुंह पर बोलकर आई हैं कि जब भी अंबाला के विकास या फिर लोगों की समस्याओं के निवारण की मीटिंग रखी जाती है, आपने हमेशा कोई न कोई बहाना बनाया है और मीटिंग में शामिल नहीं हुए।

अधिकारियों के काम से परेशान है जनता

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नगर निगम में मेयर शक्तिरानी शर्मा ने कहा कि दरबार में अपनी समस्याएं लेकर पहुंची जनता ने ये साबित कर दिया कि वे नगर निगम के अधिकारियों के काम नहीं करने से परेशान हैं। नगर निगम के अधिकारी अपने काम कराने के लिए आने वाले लोगों को अच्छे से नहीं समझा पाते हैं। इसके चलते जनता परेशान होती है। मेयर शक्तिरानी शर्मा ने कहा कि एनडीसी की समस्या सबके समक्ष है कई लोगों के खसरा नंबर गायब है। लोगों से बार-बार एनडीसी के लिए अप्लाई कराया जाता है, जिस कारण लोगों को सेंटर पर बाहर पैसे देने पड़ते हैं, अगर नगर निगम अधिकारी लोगों को अच्छे से समझा दें कि कैसे एनडीसी अप्लाई करनी है तो बार-बार जनता को अप्लाई करने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, लोगों ने सफाई और सड़कों के मुद्दों पर अपनी समस्याएं लिखित में दी हैं। इन सभी मुद्दों को लेकर वे जल्द ही कमिश्नर से मिलकर हल करवाने का प्रयास करेंगी।

धांधली जांचने के लिए मांगी थी फाइल, नहीं मिली

अंबाला में सड़कें बनाने में जो धांधली हो रही है, इसके बारे में नगर निगम अधिकारियों से इन फाइलों के बारे में लंबे समय से कई बार मांगी गई है, लेकिन अभी तक एक भी फाइल नहीं दी। इन फाइलों के बारे में लिखित में कई पत्र भी लिखे हैं, जिनका कोई भी जवाब नहीं दिया गया। मेयर शक्तिरानी शर्मा ने कहा कि एक ही सड़क के टेंडर बार-बार हो रहा है और वही सड़कें पूरी भी नहीं बनाई जा रही। इस दौरान माडल टाउन के लोग आए और वहां पर बन रही सड़क की कमियों को बताया। शक्तिरानी शर्मा ने कहा कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से मुलाकात की और सड़क निर्माण की धांधली की जांच करवाने को कहा था, लेकिन निगम अधिकारी जांच करने के लिए तैयार नहीं है। मेयर ने कहा कि 36ए के तहत फाइलें मांगी थी, लेकिन निगम अधिकारियों ने आज तक रिपोर्ट नहीं दी। मेयर शक्तिरानी शर्मा ने कहा कि अधिकारियों को मुझे फाइल देनी ही पड़ेगी क्योंकि यह मेरा अधिकारी है। मेयर शक्तिरानी शर्मा ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। अंबाला में रहना है तो जनता के काम करने पड़ेगे। बहानेबाजी व भ्रष्टाचार छोड़ना होगा।

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