Homeराज्यहरियाणाकैथल: इलाके के सभी तीर्थों का होगा जीर्णोद्धार: लीला राम

कैथल: इलाके के सभी तीर्थों का होगा जीर्णोद्धार: लीला राम

मनोज वर्मा, कैथल:
विधायक लीलाराम ने कहा कि हमारी संस्कृति संतो ऋषि-मुनियों और अवतारों की भूमि है। यहां पर कदम कदम पर ऋषि यों ने तप किया है और अवतारों ने जन्म लिया है। यही कारण है कि आज विश्व की 48 संस्कृतियों में से भारतीय संस्कृति सर्वश्रेष्ठ है और जिंदा है। आज विश्व की सभी संस्कृतियों लगभग समाप्त समाप्त होने की कगार पर हैं। ऐसे में केवल भारतीय संस्कृति ही है जो श्रेष्ठ है
विधायक लीला राम ने गांव मुंदड़ी में ग्रामीणों द्वारा दादा खेड़ा पर किए गए हवन यज्ञ में आहुति डाली तथा लवकुश तीर्थ पर भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इस मौक पर विधायक लीला राम ने लव कुश तीर्थ के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की तथा ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम देवता दादा खेड़ा हम सब की रक्षा करता है और गांव में जब भी कोई शुभ कार्य होता है तो सबसे पहले दादा खेड़ा को नमन किया जाता है तथा उनका पूजन किया जाता है।
विधायक लीलाराम ने कहा कि गांव मुंदडी एक ऐतिहासिक गांव है लव कुश तीर्थ होने के कारण इस गांव का महत्व और भी बढ़ जाता है। लव कुश तीर्थ और गांव के विकास के लिए हम निरंतर कार्य कर रहे हैं। गांव वासियों की रजामंदी से जो भी गांव वासी लव कुश तीर्थ और गांव के विकास के लिए कहेंगे वह हर उनकी डिमांड पूरी करने का प्रयास करेंगे। हवन करने के बाद विधायक ने भंडारे में स्वयं अपने हाथों से कन्याओं को भोजन करवाया और उसके बाद स्वयं भी प्रसाद ग्रहण किया। इसके साथ ही विधायक लीला राम ने लव कुश तीर्थ के लिए मुरमत के कार्यों के लिए 11 लाख देने की घोषणा भी की। लीलाराम ने कहा कि लव-कुश तीर्थ ऐतिहासिक तीर्थ है, जो हमें हमारी संस्कृति की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि गांव वासी तीर्थ के लिए जितना भी विकास कार्य के लिए मांग करेंगे वह सब पूरे करने का प्रयास किया जाएगा। विधायक लीलाराम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार का उद्देश्य यही है कि हमारी प्राचीन संस्कृति धरोहरों को संजोया जाए और उनको संभाल कर के रखा जाए।
इसी कड़ी में सरकार ने सभी तीर्थों के पुनरुद्धार के लिए अलग से ग्रांट जारी की है। इसके साथ ही जो हमारी पुरानी धरोहर हैं उन सबको विकसित करने के लिए सरकार प्रयासरत है। और यही हमारी संस्कृति की पहचान है। इस मौके पर भाग सिंह खनोदा, कुशलपाल सैन, सतपाल, सूरज, महेंदर, गुलाब सिंह, सुंदर सिंह, गुरमेल सिंह, राजेश , रमेश, जिले सिंह, जसमेर, सुशील, मंगत व कृष्ण शर्मा भी मौजूद रहे।

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