प्रवीण वालिया, करनाल:

Bank Robbery Case  : अज्ञात नकाबपोश आरोपियों द्वारा निसिंग के बैंक आॅफ बडोदा में लूट की वारदात को अंजाम देने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस अधीक्षक करनाल गंगाराम पूनिया के मार्गदर्शन व इंचार्ज सीआईए वन निरीक्षक दीपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में कार्य करते हुए टीम ने आज उनमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। इस वारदात के संबंध में 5 अक्तूबर को को बैंक आॅफ बडौदा के ब्रांच मैनेजर अतुल वलेचा ने पुलिस को ब्यान दिया कि 5अक्तूबर को करीब 3.45 बजे सांय तीन नकाबपोश व्यक्ति जिनके हाथों में पिस्तौल थी ब्रांच में घुसे।

बैंक स्टाफ को जान से मारने की धमकी (Bank Robbery Case)

उनमें से एक व्यक्ति ने गार्ड को फार्म भरने में मदद के लिए बुलाया। जैसे ही गार्ड उस व्यक्ति के पास गया तो गार्ड पर हमला करके उसकी गन छीन ली और सारे बैंक स्टाफ को जान से मारने की धमकी देकर गन प्वाइंट पर ले लिया। जिसके बाद तीनों आरोपियों ने पिस्तौलों के बल पर बैंक स्टाफ व तीन ग्राहकों को बैंक के स्ट्रांग रूम में बंद कर दिया और बैंक से करीब 10 लाख 64 हजार रूपए लूट की वारदात को अंजाम देकर बैंक के बाहर फायर करते हुए एक पल्सर मोटरसाईकिल पर सवार होकर मौका से फरार हो गये। बैंक स्टाफ का एक कर्मचारी जोकि आरोपियों के आने से पहले ही बाथरूम में था उसने पुलिस को इस घटना की सूचना दी। जिसके बाद आरोपी इस घटना के संबंध में तीनों अज्ञात आरोपियों के खिलाफ थाना निसिंग में मुकद्मा नम्बर 391 दिनांक 5 अक्तूबर को धारा 392, 397, 379बी, 120बी आईपीसी व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

सीआईए वन की टीम को हासिल हुई कामयाबी(Bank Robbery Case)

वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों की धरपकड के लिए पांच टीमों को जिम्मेवारी सौंपी गई। दौराने तफ्तीश आरोपियों की धरपकड़ के लिए आरोपियों पर हरियाणा पुलिस विभाग की तरफ से 50-50 हजार रूपए का इनाम भी घोषित किया गया था। अंतत: 11 अक्तूबर को सीआईए वन की टीम को कामयाबी हासिल हुई। टीम द्वारा दो आरोपियों अंकुर निवासी गांव बराना जिला पानीपत व विकास निवासी गांव पनौडी थाना घरौंडा जिला करनाल को हिमाचल प्रदेश के काला अम्ब से काबू किया गया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल बिना नम्बर की पल्सर मोटरसाईकिल, 2,84,500 रूपए की नगदी, दो देशी पिस्तौल .32 बोर व 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। आरोपियों से पूछताछ व अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने बैंक का एकांत जगह पर होने का फायदा उठाया था। इस बात की सारी जानकारी तीसरे फरार आरोपी सुरेन्द्र जिला करनाल ने उपरोक्त दोनों आरोपियों को दी और लूट करने का प्लान बनाया था। जिसके बाद आरोपियों ने वारदात वाले दिन-दिहाड़े लूट की वारदात को अंजाम दिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी इस दौरान हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखण्ड व हिमाचल प्रदेश में अलग-2 जगहों पर किराये पर कमरा लेकर रहे।

आरोपियों से गहनता से पूछताछ (Bank Robbery Case)

इस दौरान आरोपी ज्यादा दिन के लिए कमरा लेते लेकिन वहां एक या दो दिन रहकर ही निकल जाते थे। आरोपी विकास व अंकुर 12 अप्रैल, 2021 को दिन-दिहाडे एचटीसी कर्ण फिलिंग स्टेशन गांव उचाना करनाल के कर्मचारियों से हुई 15,35,974 रूपए की लूट की वारदात में भी फरार चल रहे थे। आरोपी अंकुर के खिलाफ पहले भी जिला पानीपत में वर्ष 2012 में हत्या का एक मामला दर्ज है। इस मामले में आरोपी चार वर्ष की सजा काट कर जेल से बाहर आया हुआ था। इसके अलावा आरोपी अंकुर 2017 में अंबाला में हुई एक लूट के मामले में जेल में सजा काट चुका है। आरोपी विकास के खिलाफ वर्ष 2019 में जिला सोनीपत में एक लूट करने का मामला रजिस्टर है। इस मामले में आरोपी विकास 9 महीने की सजा काटकर जेल से बाहर आया हुआ था। आरोपियों को आज अदालत में पेश करके 10 दिन के पुलिस रिमाण्ड पर लिया गया है। दौराने रिमाण्ड आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जाएगी व फरार तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा और वारदात में लूटे गए बाकी रूपयों को बरामद किया जाएगा।

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