Haryana News: अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को अस्पताल की जटिल व्यवस्थाओं में गैर-चिकित्सकीय सहायता देने की PGIMER की पहल प्रोजेक्ट सारथी को नई दिल्ली का वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) एवं सफदरजंग अस्पताल भी अपनाने की संभावनाएं तलाश रहा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के पत्र के बाद सफदरजंग अस्पताल की तीन सदस्यीय टीम ने बुधवार को PGIMER का दौरा किया।
टीम में ये रहे शामिल
सफदरजंग टीम ने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण और तैनाती के साथ डिजिटल उपस्थिति एवं फीडबैक व्यवस्था को समझा। सफदरजंग अस्पताल की टीम में डॉ. गौरव अरोड़ा, अतिरिक्त चिकित्सा (अधीक्षक), प्रवीण कुमार धौंडियाल (ओपीडी सुपरवाइजर) और हरप्रीत सिंह (ओपीडी सुपरवाइजर) शामिल रहे। प्रोजेक्ट सारथी का उद्देश्य मरीजों के अस्पताल अनुभव को अधिक सहज, सहयोगपूर्ण और गरिमापूर्ण बनाना है।
क्या है प्रोजेक्ट सारथी?
प्रोजेक्ट सारथी (Students Alliance for Responsible Action to Transform Healthcare Institutes) PGIMER की युवा-केंद्रित पहल है। इसके तहत प्रशिक्षित छात्र स्वयंसेवक मरीजों और उनके तीमारदारों को पंजीकरण, ओपीडी में मार्गदर्शन, कतार व्यवस्था और अस्पताल की विभिन्न सेवाओं से जुड़ी गैर-चिकित्सकीय सहायता देते हैं।
सफदरजंग की टीम ने ली जानकारी
सफदरजंग अस्पताल की टीम को सारथी के उद्देश्यों, मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP), सारथी टूलकिट, स्वयंसेवकों की सहभागिता एवं प्रशिक्षण, तैनाती, विभागीय समन्वय और निगरानी एवं फीडबैक व्यवस्था के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी गई। टीम ने सारथी स्वयंसेवकों और सुरक्षा कर्मियों से बातचीत भी की। इसके अलावा PGIMER के आईटी सेल का दौरा कर स्वयंसेवकों की डिजिटल उपस्थिति और फीडबैक प्रणाली की जानकारी ली।
मरीजों-तीमारदारों का सहयोग है मकसद
PGIMER के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा, ”प्रोजेक्ट सारथी प्रशिक्षित छात्र स्वयंसेवकों को अस्पताल की व्यवस्थाओं से जोड़कर मरीजों की देखभाल में संवेदना को सशक्त बनाता है। इसका उद्देश्य अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के अनुभव को अधिक सहयोगपूर्ण, गरिमापूर्ण और मरीज-केंद्रित बनाना है। हमें खुशी है कि PGIMER में विकसित सारथी के अनुभव और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली को साझा करने का अवसर मिला।”


