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चंडीगढ़ : भारत सरकार ने राज्य के लिए 20 कामकाजी महिला होस्टलों को स्वीकृत किया है : कमलेश ढांडा

आज समाज डिजिटल, चंडीगढ़ :
हरियाणा की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि जिस प्रकार हरियाणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बेटी बचाओ-बेटी पढाओ कार्यक्रम को सफल बनाकर लड़कियों के जन्म के प्रति सकारात्मकता, शिक्षा और पोषण देने के लिए सामाजिक सोच में बदलाव लाकर देश में रोलमाडल बना है। ठीक उसी प्रकार उनका प्रयास रहेगा कि राष्टÑीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में भी हरियाणा एक बार फिर कीर्तिमान स्थापित करे। ढांडा ने विभाग की आगामी रूपरेखा के बारे जानकारी देते हुए बताया कि 0 से 6 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को पोषकपूरक आहार के साथ-साथ आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्री-स्कूल शिक्षा देने के साथ-साथ कामकाजी महिलाओं को किफायती दरों पर उनके कार्यस्थल के पास ही सुरक्षित आवास उपलब्ध करवाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है ताकि उनके बच्चों के लिए डे कयेर सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने राज्य के लिए 20 कामकाजी महिला होस्टलों को स्वीकृत किया है जिनमें से रोहतक में 2, हिसार, पंचकूला, जीन्द, कुरूक्षेत्र, गुरुग्राम व फरीदाबाद में एक-एक होस्टल के संचालन का कार्य रैडक्रास सोसाइटी, नगरपालिकाओं व अन्य सामाजिक संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है। शेष 12 होस्टलों को भी विभिन्न स्थानों पर खोला जाएगा। इसके अलावा, आंगनवाड़ी केन्द्रों को भी प्ले स्कूल के रूप में अपग्रेड करने की विस्तृत योजना तैयार कर ली गई है। पहले चरण में 1135 आंगनवाड़ी केन्द्रों को अपग्रेड किया जाएगा।

ढांडा ने बताया कि वर्तमान में कुल 25,962 आंगनवाड़ी केन्द्रों में से 2150  आंगनवाड़ी केन्द्र स्कूलों में पहले से ही संचालित हैं जिनको प्राथमिकता आधार पर अपग्रेड किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, 9006 विभागीय भवनों में, 8509 सरकारी भवनों में, तथा 6297 किराए के भवनों में चलाए जा रहे आंगनवाड़ी केन्द्रों को भी चरणबद्घ तरीके से 2024 तक अपग्रेड करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। राज्य सरकार ने राष्टÑीय शिक्षा नीति-2020 को वर्ष 2025 तक क्रियान्वित करने का निर्णय लिया है जिस पर शिक्षा विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित विभाग अपने-अपने स्तर पर तेजी से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा को भारत सरकार द्वारा अब तक विभिन्न अवार्डों से सम्मानित किया जा चुका है जिनमें वर्ष 2016 में जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार, वर्ष 2017 जिला यमुनानगर को बालिका शिक्षा क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य करने के लिए, वर्ष 2018  में जिला सोनीपत को पी.सी.पी.एन.डी.एक्ट को लागू करने के लिए, वर्ष 2019 में हरियाणा राज्य को सर्वांगीण सहायता, मार्गदर्शन, मोनीटरिंग श्रेणी तथा उत्कृष्टद्द प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया जाना शामिल है। इनमें करनाल जिले को प्रभावी सामुदायिक भागीदारिता, झज्जर को बालिका शिक्षा की पहुंच करवाने के लिए, कुरूक्षेत्र को पी.सी.पी.एन.डी.टी. एक्ट को सही ढंग से लागू करने के लिए तथा महेन्द्रगढ़ व भिवानी को पिछले 5 वर्षों में जन्म के समय लिंगानुपात सुधार में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। ढांडा ने कहा कि आशा है कि हरियाणा राष्टÑीय शिक्षा नीति-2020 का क्रियान्वयन भी पुन: एक बार कीर्तिमान स्थापित करेगा। इसके लिए विभाग के वरिष्ठद्द प्रशासनिक अधिकारी से लेकर बाल विकास परियोजना अधिकारी, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर, वर्कर व हेल्पर एक  टीम के रूप में कार्य करेंगे।

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