Home खेल अन्य खेल Manu Bhaker does not think much about her opponents: अपने विरोधियों के बारे में ज़्यादा नहीं सोचतीं मनु भाकर

Manu Bhaker does not think much about her opponents: अपने विरोधियों के बारे में ज़्यादा नहीं सोचतीं मनु भाकर

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विजय आनंद

निशानेबाज़ मनु भाकर को उनकी हालिया उपलब्धियों के मद्देनज़र अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। 18 साल की मनु के नाम विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में आठ गोल्ड मेडल दर्ज हैं। मनु का कहना है कि अर्जुन पुरस्कार पाकर वह बहुत खुश हैं। साथ ही वह यह भी कहती हैं कि ओलिम्पिक के एक साल आगे बढ़ने से उन्हें और ज़्यादा एकाग्र होने का अवसर मिल गया है।

मनु कहती हैं कि लॉकडाउन की वजह से उनकी प्रैक्टिस अन्य खिलाड़ियों की तरह बुरी तरह प्रभावित हुई। इस दौरान सभी शूटिंग रेंज बंद थीं लेकिन अब टॉप्स योजना के सभी निशानेबाज़ शूटिंग रेंज में लौट आए हैं। हमें विदेशी कोचों से फोन और सोशल मीडिया पर गाइडेंस मिलती रहती है लेकिन उन्होंने लॉकडाउन का पूरा फायदा उठाते हुए चरखी दादरी में बाइक चलाना सीखा। हार्स राइडिंग की। अपने पैट डॉग-व्हिस्की के साथ समय बिताया। इसके अलावा स्केचिंग और कुकिंग पर भी ध्यान दिया। इस दौरान क्वालिटी टाइम अपने परिवार के साथ बिताने का मौका मिला, जो मुझे पहले नहीं मिल पाता था।

बेशक ओलिम्पिक का इंतज़ार एक साल बढ़ गया लेकिन वह इसे भी पॉज़ीटिव मानती हैं। इस अतिरिक्त समय में उन्हें अपने खेल पर और केंद्रित होने का अवसर मिलेगा। मनु ने कहा कि लोग उनसे उनके प्रतिद्वंद्वियों के बारे में पूछते हैं। सच कहूं तो उन्होंने उन पर ज़्यादा काम नहीं किया। उनका पूरा ध्यान अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर केंद्रित रहता है। इसी मंत्र के साथ वह टोक्यो में अपनी चुनौती रखेंगी।

अब तक के दो अहम पलों के बारे में पूछे जाने पर मनु ने कहा कि जब वह यूथ ओलिम्पिक खेलों में फ्लैग बियरर बनना और कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर पोडियम पर खड़े होने के लम्हों को वह कभी नहीं भूल सकतीं और वहीं वह 2018 के एशियाई खेलों के कभी याद नहीं करना चाहेंगी।

अब सब कुछ सामान्य हो रहा है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं नवम्बर या दिसम्बर में शुरू हो जाएंगी। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं अगले साल शुरू हो जाएंगी और उन्हें टोक्यो में होने वाले ओलिम्पिक खेलों का बेसब्री से इंतज़ार है। वह इसके लिए कोई पदक का दावा तो नहीं करेंगी लेकिन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश ज़रूर करेंगी। उन्हें उम्मीद है कि भारतीय निशानेबाज़ी दल इन खेलों से तीन से चार पदक ज़रूर जीतकर लाएगा।

इस वक्त खिलाड़ियों के मन में किस तरह का द्वंद्व चल रहा है, इसके जवाब में मनु ने कहा कि हमेशा पॉजिटिव सोच रखो। अपने परिवार को समय दो। अपने पसंदीदा मित्रों के साथ अपनी परेशानियां शेयर करो। नैगेटिव खबरों से बचो।

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