Haryana News: झज्जर की बेटी ने बढ़ाया हरियाणा का मान, गोल्ड मेडल जीत सुरुचि ने लहराया तिरंगा, कमलजीत संग रचा इतिहास

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हरियाणा के झज्जर गांव की बेटी सुरुचि सिंह ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर न सिर्फ भारत का नाम रोशन किया बल्कि अपने गांव और हरियाणा को भी गौरवान्वित किया है.
सुरुचि सिंह ने एशियन गेम्स में मिक्स्ड इवेंट में जीता गोल्ड

नई दिल्ली. हरियाणा से निकलकर जापान में भारत का तिरंगा लहराने वाली बेटी की चर्चा आज पूरे देश में हो रही है. झज्जर के सासरौली गांव में इन दिनों जश्न का माहौल है. गांव की बेटी सुरुचि सिंह ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर न सिर्फ भारत का नाम रोशन किया बल्कि अपने गांव और हरियाणा को भी गौरवान्वित किया है. उन्होंने शुक्रवार, 25 सितंबर को कमलजीत के साथ मिलकर इस ऐतिहासिक कारनामे को अंजाम दिया.

सासरौली की रहने वाली सुरुचि सिंह रेवाड़ी के कमलजीत के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत की तरफ से खेलने उतरी थीं. उन्होंने शानदार प्रदर्शन के दम पर फाइनल में जगह बनाई और 484.6 अंक हासिल कर गोल्ड मेडल भारत की झोली में डाला. दक्षिण कोरिया की टीम 478 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही.वहीं ईरान ने 415.8 अंकों के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता. भारत का 484.6 का स्कोर नया एशियन रिकॉर्ड भी बन गया.


सुरुचि के गोल्ड पर निशाना साधने की खबर सुनने के बाद से ही उनके गांव सासरौली में खुशी की लहर है. परिवार रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया. उनकी इस सफलता की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी पहली पसंद निशानेबाजी नहीं थी. उन्होंने खेल का सफर पहलवानी से शुरू किया था. शुरुआत में वह कुश्ती के अखाड़े में पसीना बहाती थीं, लेकिन बाद में निशानेबाजी की ओर रुख किया. खेल बदलना आसान नहीं था लेकिन सुरुचि ने नई चुनौती को स्वीकार किया.

गांव में लौटने का इंतजार

सुरुचि के अपने घर गोल्ड मेडल लेकर लौटने का पूरे सासरौली को है. परिवार उनके लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. परिवार के लोगों ने श्याम मंदिर तक पैदल यात्रा कर श्याम बाबा के दर्शन किए. सुरुचि की सफलता के लिए ऊपर वाले का आभार जताया. गांव में उनकी कामयाबी को सेलिब्रेट करने के लिए बड़ा आयोजन करने की तैयारी है. उनका भव्य स्वागत किए जाने की योजना. सुरुचि की मां सुदेश और भाई निशांत दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर गांव तक उनके स्वागत में साथ रहेंगे. परिवार का कहना है कि बेटी के स्वर्ण पदक के साथ गांव लौटने का पल उनके लिए बेहद खास होगा.

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