नई दिल्ली. इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही वनडे सीरीज का आखिरी मैच पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के इंटरनेशनल करियर का विदाई मुकाबला बताया जा रहा है. खबर है कि लॉर्ड्स में खेले जाने वाले मैच के बाद हिटमैन संन्यास की घोषणा कर देंगे. भारतीय क्रिकेट में रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने उनको साफ संकेत दे दिया है. इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज के बाद उन्हें टीम की भविष्य की योजनाओं में शामिल नहीं माना जा रहा है. इस संबंध में बीसीसीआई की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, चयनकर्ताओं के इस फैसले के पीछे तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं.
1. युवा टीम तैयार करने की योजना
2027 के वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए सलेक्शन कमेटी ने एक योजना बनाई है. बताया जा रहा है कि चयन समिति टूर्नामेंट से पहले युवाओं को बराबर मौके देकर परिपक्व करना चाहती है. उस समय तक रोहित शर्मा की उम्र 40 साल से अधिक होगी. ऐसे में चयनकर्ताओं का मानना है कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को अनुभव देने के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच में उतरना होगा.

2. यशस्वी जायसवाल को बतौर ओपनर तैयार करना
रिपोर्ट्स के मुताबिक चयनकर्ता युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को नियमित रूप से वनडे टीम में मौका देना चाहते हैं. विश्व कप से पहले भारत को करीब 20 वनडे मुकाबले खेलने हैं. चयन समिति चाहती है कि जायसवाल को इन मैचों में पर्याप्त अनुभव मिले. जायसवाल ने अपने शुरुआती वनडे करियर में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है. पहले सात वनडे मुकाबलों में ही दो शतक लगाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है.

3. लेफ्ट-राइट ओपनिंग कॉम्बिनेशन
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि टीम मैनेजमेंट टॉप आर्डर में लेफ्ट-राइट बल्लेबाजी कॉम्बिनेशन चाहता है. विदेशी परिस्थितियों में लगातार दाएं हाथ के बल्लेबाजों पर निर्भर रहने से टीम को पहले भी परेशानी हुई है. ऐसे में बाएं हाथ के बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को मौका देना रणनीतिक रूप से बेहतर माना जा रहा है.
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. बीसीसीआई या चयन समिति ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि रोहित को वनडे टीम से बाहर किया जा रहा है. ऐसे में अंतिम फैसला और आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा.


