West Asia Crisis : होर्मुज पार कर चुके हमारे छह जहाज : विदेश मंत्रालय

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West Asia Crisis : होर्मुज पार कर चुके हमारे छह जहाज : विदेश मंत्रालय
West Asia Crisis : होर्मुज पार कर चुके हमारे छह जहाज : विदेश मंत्रालय

होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर खोलने की मांग को लेकर बुलाई गई 35 देशों की बैठक में शामिल होगा भारत

West Asia Crisis (आज समाज), नई दिल्ली : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध के साथ ही ईरान ने विश्व व्यापार के लिए सबसे अहम जल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। इसके बंद होने के बाद पूरे विश्व की सप्लाई चेन बुरी तरह से बाधित हुई है। इससे कई देशों में तेल और गैस की किल्लत खास रूप से हुई है।

हालांकि ईरान ने भारत के साथ दोस्ती निभाते हुए भारत के जहाजों को इस जल मार्ग से निकलने दिया। इस संबंधी जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा की होर्मुज बंद होने से सप्लाई पर काफी ज्यादा असर पड़ा है लेकिन फिर भी हमारे छह जहाज वहां से सुरक्षित निकले हैं। जिससे देश में गैस और तेल की किल्लत उतनी नहीं हुई। जितनी अन्य देशों में हो चुकी है।

ब्रिटेन में होने वाली बैठक में करेंगे शिरकत

पश्चिम एशिया में गहराते संकट और बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज के बाधित होने के बीच एक अहम कूटनीतिक हलचल शुरू हुई है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और वैश्विक तेल आपूर्ति को सुचारू करने के लिए 35 देशों की एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में भारत भी शामिल होगा। विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की तरफ से कई देशों को होर्मुज पर बातचीत के लिए बुलाया गया है। इसके लिए भारत से भी संपर्क किया गया है।

हमारी तरफ से विदेश सचिव आज शाम इस बैठक में शामिल हो रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम ईरान और वहां के दूसरे देशों के संपर्क में हैं, जिससे यह देख सकें कि हम अपने जहाजो के लिए बिना किसी रुकावट के आवागमन कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये जहाज कई तरह का सामान ले कर आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में हुई बातचीत के जरिए, हमारे छह भारतीय जहाज होर्मुज को सुरक्षित पार करने में सफल रहे हैं।

भारत के लगभग 600 जवान तैनात

इसके इतर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारतीय शांति सैनिकों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस समय लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) के तहत भारत के लगभग 600 जवान तैनात हैं। उन्होंने कहा कि यूएनआईएफआईएल पर हुए हमलों में कुछ सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। प्रवक्ता ने कहा कि हमारे जवानों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

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