Shimla News : विदेशी सेब आयात और एफटीए के विरोध में सड़क पर उतरे किसान-बागवान

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Shimla News : विदेशी सेब आयात और एफटीए के विरोध में सड़क पर उतरे किसान-बागवान
Shimla News : विदेशी सेब आयात और एफटीए के विरोध में सड़क पर उतरे किसान-बागवान
  • चार लेबर कोड रद्द करने और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग, हिमाचल में व्यापक आंदोलन
  • किसान-बागवानों का ऐलान: मांगें नहीं मानी गईं तो और तेज़ होगा आंदोलन

Shimla News | आज समाज नेटवर्क | शिमला । सीटू, हिमाचल किसान सभा व हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने वीरवार को राष्ट्रव्यापी किसान-मज़दूर हड़ताल में सक्रिय भागीदारी रखते हुए अपना पूर्ण समर्थन दर्ज किया। प्रदेश के सेब बहुल क्षेत्रों में सेब उत्पादक संघ की स्थानीय इकाइयों के सदस्यों ने जिला एवं ब्लॉक स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर किसानों और मजदूरों की मांगों को मजबूती से उठाया।

रोहड़ू में बस स्टैंड परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जुब्बल, कोटखाई, रोहड़ू तथा छौहारा क्षेत्र के किसान-बागवान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यहां एकत्रित जनसमूह को विभिन्न वक्ताओं ने संबोधित किया और किसान-मज़दूर एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान नीतियों के कारण खेती-बागवानी गहरे संकट से गुजर रही है और संगठित संघर्ष ही इसका समाधान है।

सभा के दौरान मज़दूर विरोधी चार लेबर कोड रद्द करने, किसानों की भूमि और घरों से बेदखली पर रोक लगाने, भूमिहीन और गरीब किसानों को कृषि योग्य भूमि उपलब्ध कराने, किसान विरोधी टैरिफ नीतियों व मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर रोक लगाने, विदेशी सेब पर पर्याप्त आयात शुल्क सुनिश्चित करने, सभी फसलों पर कानूनी गारंटी के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने तथा प्राकृतिक आपदाओं व विकास कार्यों से हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांगें प्रमुख रूप से उठाई गईं।

सेब उत्पादक संघ के वरिष्ठ नेता संजय चौहान ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल के औचित्य और मांगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के नीति-निर्धारक और केंद्र सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों के हितों को संरक्षित करने में लगे हैं, जबकि किसानों, मजदूरों और आम जनसाधारण के अधिकारों को लगातार हाशिए पर धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी क्षेत्र को कमजोर करने वाली नीतियां अंततः ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश की खाद्य सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगी।

चौहान ने सभी मांगों को न्यायोचित बताते हुए सरकार से तत्काल सकारात्मक कदम उठाने की अपील की तथा चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक व तेज़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों की मांगों पर ठोस निर्णय लिए जाने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने प्रदेश के किसानों-बागवानों से एकजुट रहकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।

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