Iran Attack on Kuwait : ईरान के हमले में कुवैत में कई लोग घायल

0
61
Iran Attack on Kuwait : ईरान के हमले में कुवैत में कई लोग घायल
Iran Attack on Kuwait : ईरान के हमले में कुवैत में कई लोग घायल

कुवैत का मुख्य हवाई अड्डा बुरी तरह क्षतिग्रस्त, वाणिज्यिक उड़ानों को किया गया निलंबित

Iran Attack on Kuwait (आज समाज), कुवैत सिटी : ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच पश्चिम एशिया के हालात फिर से खराब होने शुरू हो गए हैं। एक तरफ जहां अमेरिकी सेना ईरान पर हवाई हमले कर रही है तो वहीं ईरान भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उन देशों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले कर रहा है जहां पर अमेरिका के सैन्य बेस मौजूद हैं।

इसी के चलते ईरान ने बुधवार को कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई मिसाइलें और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में कुवैत के हवाई अड्डे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कुवैत ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि देश के हवाई अड्डे पर एक ईरानी ड्रोन हमले के बाद वाणिज्यिक उड़ानों को निलंबित कर दिया है। इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं।

कुवैत रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि दुश्मनों के कई ड्रोन ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की यात्री इमारत को निशाना बनाया है। इस हमले में इमारत को गंभीर नुकसान पहुंचा और कई व्यक्तियों को चोटें आई हैं। यह ड्रोन हमला ईरान और अमेरिका के बीच मंगलवार देर रात हुए मिसाइल हमलों के बाद हुआ। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन पर दागी गई मिसाइलों के जवाब में केश्म द्वीप पर एक ईरानी सैन्य सुविधा पर हमले किए थे।

अमेरिका ने किया था हमले नाकाम होने का दावा

हालांकि, अमेरिका ने दावा किया कि उसकी सेना ने क्षेत्र के पड़ोसी देशों को निशाना बनाने वाले ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों की एक श्रृंखला को नाकाम कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि तेहरान ने क्षेत्र में हवाई हमलों की एक लहर शुरू की थी। सैन्य कमांड ने बताया कि ईरान ने क्षेत्रीय पड़ोसियों की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, सभी अपने लक्ष्यों को भेदने में नाकाम रहीं।

होर्मुज में ईरान को हावी नहीं होने देंगे

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि नाकेबंदी का एकमात्र कारण यह है कि ईरान व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी कर रहा है। इसके पीछे सोच यह है कि अगर किसी और के जहाज बाहर नहीं निकल पाएंगे, तो ईरान के जहाज भी बाहर नहीं निकल पाएंगे। अगर ईरान ने वह करने पर सहमति जताई होती जो उसने युद्धविराम लागू होने के समय करने को कहा था, यानी होर्मुज को खोलना, तो यह नाकेबंदी नहीं होती। वे जो कर रहे हैं वह गैर-कानूनी और अवैध है। हर कोई इसके खिलाफ है।

ये भी पढ़ें : West Asia Crisis : दोबारा युद्ध की आग में झुलसना शुरू हुआ पश्चिम एशिया