सेना ने अलगाववादी गुट के कब्जे से मिलिट्री बेस को छुड़ाया
Airstrike, (आज समाज), नई दिल्ली: सऊदी अरब ने यमन में एयरस्ट्राइक की। इस हमले में 7 अलगाववादी लड़ाकों की मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार को दक्षिणी प्रांत के हद्रामौत में हुई जहां अलगाववादी संगठन सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल के एक ठिकाने को निशाना बनाया गया। इसमें 20 से ज्यादा लोग घायल भी हो गए हैं। इस बीच यमन सरकार ने सैन्य कार्रवाई कर अलगाववादी गुट से अहम मिलिट्री बेस वापस अपने कब्जे में लेने का दावा किया है।
हद्रामौत के गवर्नर सालेम अल-खानबाशी ने कहा कि सुरक्षाबल सिर्फ एसटीसी के कब्जे से सैन्य ठिकानों को वापस लेने की कोशिश कर रहे हैं। एसटीसी यमन का एक अलगाववादी संगठन है, जो कि यमन के दक्षिणी हिस्से को आजाद कराने के लिए जंग लड़ रहा है। इस संगठन को यूएई का समर्थन मिलता है।
मंगलवार को सऊदी ने यमन के मुकल्ला पोर्ट को बनाया था निशाना
इससे पहले सऊदी अरब ने मंगलवार सुबह यमन के मुकल्ला पोर्ट पर बमबारी की थी। उसने आरोप लगाया था कि यूएई के फुजैरा पोर्ट से आए दो जहाजों से यहां हथियार और सैन्य वाहन उतारे जा रहे थे। इन जहाजों के ट्रैकिंग सिस्टम बंद थे। सऊदी अरब का कहना है कि ये हथियार सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल नाम के अलगाववादी गुट को दिए जा रहे थे, जो कि शांति और स्थिरता के लिए खतरा बन सकते थे। इसलिए वायुसेना ने सीमित हवाई हमला कर हथियारों और सैन्य वाहनों को निशाना बनाया
यमन ने यूएई से डिफेंस डील रद्द की
मुकल्ला पर हुए हवाई हमले के बाद यमन सरकार ने संयुक्त अरब अमीरात के साथ किया गया रक्षा समझौता भी रद्द कर दिया है। इसके साथ ही सरकार ने हालात पर नियंत्रण के लिए 72 घंटे की हवाई, थल और समुद्री नाकाबंदी लागू करने और 90 दिनों के लिए आपातकाल घोषित करने का फैसला किया है।
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