पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम में बदलाव, समूचे उत्तर पश्चिम भारत में बारिश की संभावना
Weather Update (आज समाज), नई दिल्ली : 20 जनवरी से लगातार खराब मौसम की मार झेल रहे उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानों राज्यों को अभी राहत के आसार नहीं हैं। आज से अगले तीन दिन यानी 3 फरवरी तक मौसम विभाग ने बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई है। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते आएगा। इससे जहां पहाड़ी राज्यों के ऊपरी हिस्सों में भारी बर्फबारी होने की संभावना है वहीं निचले हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
दूसरी तरफ मैदानी राज्यों में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है। हालांकि मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि मौसम में यह बदलाव आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा क्योंकि 5-7 फरवरी के दौरान एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है जो उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है।
आने वाले दिनों में इस तरह रहेगा मौसम
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 31 जनवरी और 2 फरवरी तक बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 1 फरवरी को हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, 1 से 3 फरवरी के दौरान उत्तराखंड, 1 और 2 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और 31 जनवरी से 1 फरवरी तक राजस्थान में गरज, बिजली के साथ हल्की बारिश और ओलावृष्टि व पहाड़ों पर बर्फबारी होने की संभावना है। इस दौरान कुछ जगहों पर 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं भी चल सकती हैं।
दिल्ली में तीन दिन बारिश-तेज हवाओं के आसार
दिल्ली-एनसीआर में वीकेंड पर फिर बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। हिमालय में बन रहे एक और पश्चिमी विक्षोभ के कारण तीन दिनों तक बारिश का पूवार्नुमान है। दिल्ली में पिछले दो दिनों से बादल छाए हैं। जल्द ही फिर से बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में असर दिखाएगा। इससे तीन दिन दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पहाड़ी राज्यों में हिमस्खलन का खतरा
भारी बर्फबारी के कारण कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ऊंची व तीखी ढलानों पर हिमस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। इसी के चलते स्थानीय प्रशासन ने लोगों को चेतावनी देते हुए इन हिस्सों से दूर रहने को कहा है। इसके साथ ही पर्यटकों को भी साफ तौर पर ऐसे स्थानों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है जहां पर हिमस्खलन की संभावना है।
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