Punjab Breaking News : पंजाब में प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति-2026 मंजूर

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Punjab Breaking News : पंजाब में प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति-2026 मंजूर
Punjab Breaking News : पंजाब में प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति-2026 मंजूर

उच्च शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए मंत्रिमंडल द्वारा लिया गया अहम फैसला

Punjab Breaking News (आज समाज), चंडीगढ़ : पंजाब श्क्षिा प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए मंत्रिमंडल ने पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज नीति, 2026 को भी मंजूरी दे दी है। जिसका उद्देश्य आॅनलाइन और ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) कार्यक्रमों की पेशकश करने वाली प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज को नियंत्रित और प्रोत्साहित करना है, ताकि राज्य के छात्रों को उच्च-मानक उच्च शिक्षा प्रदान की जा सके और उनके लिए रोजगार के अधिकतम अवसर खुल सकें।

यह नीति यूजीसी नियमों, 2020 के अनुसार गुणवत्ता, पहुंच, डिजिटल बुनियादी ढांचा, डेटा गवर्नेंस और छात्रों की सुरक्षा के लिए राज्य-स्तरीय मानदंड प्रस्तुत करती है। यह नीति उच्च शिक्षा का विस्तार कर इसे अधिक पहुंचयोग्य और किफायती बनाएगी तथा पंजाब को एक डिजिटल शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

देश में अपनी तरह की पहली पहल

उच्च शिक्षा क्षेत्र में देश भर में अपनी तरह के इस पहले ऐतिहासिक सुधार के माध्यम से पंजाब सरकार ने एक नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति प्रस्तुत की है। इस नीति के तहत निजी संस्थाएं पंजाब में पूरी तरह डिजिटल यूनिवर्सिटयां स्थापित कर सकती हैं। यह भारत की पहली ऐसी नीति है और अब तक केवल त्रिपुरा ने, किसी व्यापक नीति के बिना, एक डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित की है। इसलिए पंजाब इस क्षेत्र में नीति और मॉडल प्रस्तुत करने वाला पहला राज्य बन गया है।

इसलिए जरूरी है यह निर्णय

यह नीति समय की आवश्यकता थी क्योंकि विश्व भर में करोड़ों छात्र आॅनलाइन प्लेटफॉर्म से शिक्षा ले रहे हैं। इसी तरह लाखों छात्र मुफ्त आॅनलाइन लेक्चर्स देखकर जेईई, नीट और यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षाएं पास कर रहे हैं। भारत में भी करोड़ों युवा आॅनलाइन कोर्स और एआई ऐप्स से पढ़-लिखकर अपना करियर बना रहे हैं। पहले लागू यूनिवर्सिटी नीति केवल फिजिकल कैंपस की ही अनुमति देती थी।

छात्र घर बैठे ले सकेंगे डिग्री

इसका मतलब था कि डिजिटल यूनिवर्सिटीयां भारत में कानूनी रूप से संभव नहीं थीं, जिसके परिणामस्वरूप छात्रों ने कॉलेजों से केवल औपचारिक रूप से डिग्रियां प्राप्त कीं लेकिन वास्तविक कौशल प्रशिक्षण आॅनलाइन हासिल किया, जिससे एक बड़ा अंतर पैदा हो गया और नई नीति इसी अंतर को भरती है। अब छात्र अपनी पूरी डिग्री घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप पर पूरी कर सकते हैं और ये डिग्रियां कानूनी रूप से वैध तथा एआईसीटीई/यूजीसी मानकों के अनुरूप होंगी। यह कदम जीवन, परिवार या नौकरियों में व्यस्त छात्रों या पेशेवरों के लिए वरदान साबित होगा क्योंकि वे नौकरियां छोड़े बिना, शहर बदलें बिना और यहां तक कि क्लासरूम में जाए बिना ही डिग्रियां प्राप्त कर सकेंगे।