केंद्रीय टीम ने श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, जालंधर और कपूरथला में प्राकृतिक तेल और गैस मिलने की संभावना जताई
Chandigarh Breaking News (आज समाज), चंडीगढ़। पंजाब में बड़ी मात्रा में पोटाश के भंडार मिलने के बाद अब केंद्रीय टीम ने कई जिलों में प्राकृतिक गैस व तेल के भंडार मिलने की संभावना जताई है। आने वाले समय में केंद्रीय टीम प्रदेश सरकार के साथ मिलकर इसपर विस्तृत खोज करेगी। यदि ऐसा होता है तो यह पंजाब की आर्थिकता के लिए बहुत बड़ा र्टनिंग प्वाइंट साबित हो सकता है।
इस संबंधी जानकारी देते हुए पंजाब के खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि पोटाश की खोज के बाद अब पंजाब में प्राकृतिक गैस और तेल भंडारों की बड़ी संभावनाएं सामने आई हैं और राज्य सरकार इस दिशा में गंभीरता से ध्यान केंद्रित कर रही है। यह बात उन्होंने भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन डायरेक्टर जनरल आफ हाइड्रोकार्बन (डीजीएच) और आयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मगसीपा में बैठक के बाद कही, जहां केन्दीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित सर्वेक्षण को पूरा करने के लिए राज्य सरकार से सहयोग का अनुरोध किया गया।
बैठक में इन अहम विषयों पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान राज्य में हाइड्रोकार्बन संसाधनों की खोज की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और विस्तृत प्रस्तुति दी गई। अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशानुसार आयल इंडिया लिमिटेड द्वारा प्राकृतिक तेल और गैस भंडारों की खोज के लिए 2डी सिस्मिक सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय वैज्ञानिक सलाहकार समिति ने देश के उन अप्रयुक्त क्षेत्रों में व्यापक सर्वेक्षण की सिफारिश की है, जहां अभी तक खनिज और पेट्रोलियम संसाधनों की खोज नहीं हुई है।
अजय शर्मा ने जानकारी दी कि मंत्रालय ने पंजाब के जिला श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, जालंधर और कपूरथला के साथ-साथ राजस्थान के बाड़मेर, संचोर, जैसलमेर और बीकानेर-नागौर बेसिन तथा गंगा बेसिन एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में सर्वेक्षण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब उप-बेसिन में लगभग 169 लाइन किलोमीटर क्षेत्र को कवर करते हुए बड़े पैमाने पर 2डी सिस्मिक सर्वेक्षण किया जाएगा और इस पहल को मिशन अन्वेषण नाम दिया गया है।
स्टीक डाटा तैयार करेगी टीम
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरी तरह वैज्ञानिक और अनुसंधान आधारित होगा, जिसका उद्देश्य सटीक भू-विज्ञान संबंधी डेटा तैयार करना है। बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि यह पहल राज्य में तेल और गैस संसाधनों की खोज को गति देने के साथ-साथ एक व्यापक भू-विज्ञान डेटा बैंक तैयार करने में मदद करेगी, जिससे भारत की विदेशी ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और पंजाब सहित अन्य राज्यों के लिए आर्थिक विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
कैबिनेट मंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस सर्वेक्षण को समय पर पूरा करने के लिए पूर्ण सहयोग देगी और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से राज्य के समग्र विकास और समृद्धि के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल न केवल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करेगी, बल्कि पंजाब में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देगी।
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