PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री ने रेडियो कार्यक्रम में किया एआई समिट का जिक्र

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PM Modi Mann Ki Baat
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

PM Modi Mann Ki Baat, (आज समाज), नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों से बात की। उन्होंने इस दौरान दिल्ली में हाल ही में संपन्न हुई पांच दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) समिट, तकनीकी विकास, युवा किसान, छात्रों व खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन सहित कई विषयों पर अपनी बात रखी। इन दौरान बच्चों के एग्जाम चल रहे हैं और इसे देखते हुए पीएम ने छात्रों से कहा कि वे परीक्षा से घबराएं न।

परीक्षा का डर स्वाभाविक, पर घबराएं न स्टूडेंट

प्रधानमंत्री ने कहा, एग्जाम के समय घबराहट होना स्वाभाविक है, पर बच्चों को घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, हर पीढ़ी ने अनुभव किया है और स्टूडेंट्स अकेले नहीं हैं। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि स्टूडेंट की मार्कशीट से उनका मूल्य तय नहीं होता। इसलिए जो पढ़ा है, उसे आत्मविश्वास के साथ एग्जाम में लिखें और एक कठिन सवाल को कभी अपने मन पर हावी न होने दें।

पूर्व सीएम जयललिता को दी श्रद्धांजलि

दक्षिण भारतीय राजनीतिक दल, आॅल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम की महासचिव व तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मंगलवार को वर्षगांठ है और पीएम ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। मोदी ने कहा, जयललिता ने हमेशा समाज के कल्याण के लिए काम किया और वह जनता के दिलों में बसती हैं। उन्होंने कहा, जयललिता के नाम से ही तमिलनाडु वासियों के चेहरे खिल उठते हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उन्होंने कई सराहनीय फैसले लिए। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।

नदियां अलग हो सकती हैं, आस्था की धारा एक

पीएम मोदी ने मन की बात के 131वें एपिसोड में केरल के तिरुनावाया स्थित भारतप्पुझा नदी के किनारे सदियों पुरानी मामंगम परंपरा (Mamangam tradition) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, यह केवल स्नान का त्योहार नहीं, बल्कि स्मृति व संस्कृति का जागरण है। पीएम ने बताया कि यह कार्यक्रम लगभग ढाई सौ साल तक अपनी भव्यता में नहीं हो पाया, लेकिन अब देश अपनी विरासत को दोबारा पहचान रहा है। उन्होंने कहा, केरला कुम्भ हो या महाकुंभ, नदियां अलग हो सकती हैं, पर आस्था की धारा एक है और यही भारत की ताकत है।

केवल बड़े उद्योगों तक ही सीमित नहीं AI

पीएम ने एआई के महत्व का जिक्र करते हुए कहा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artifical Intelligence) न केवल बड़े उद्योगों तक सीमित है, बल्कि यह किसानों की सहायत व पशुओं के इलाज में भी काम आ रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि नई दिल्ली के भारत मंडपक में 16 फरवरी से 20 फरवरी तक अयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ के दौरान उन्होंने टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ ही कई विश्व नेताओं को प्रदर्शनी में दिखाया कि एआई से किस तरह पशुओं के रोगों की पहचान की जा रही है। मोदी ने यह भी कहा कि किसान अब 24 घंटे एआई की मदद से अपने पशुधन व डेयरी की निगरानी कर रहे हैं, जिससे देखभाल के साथ ही उत्पादन भी बेहतर हो रहा है।

एआई समिट में दो उत्पादों ने वैश्विक नेताओं किया प्रभावित

पीएम मोदी ने बताया कि भारत के दो उत्पादों ने वैश्विक नेताओं को खास तौर पर प्रभावित किया। पहला उत्पाद अमूल के बूथ पर प्रदर्शित किया गया, जिसमें बताया गया कि पशुओं के इलाज को एआई की मदद से किस तरह बेहतर बनाया जा रहा है। इस सुविधा से किसान अब 24 घंटे अपनी डेयरी व पशुओं का रिकॉर्ड रख सकते हैं। एआई से दुग्ध उत्पादन, प्रबंधन व स्वास्थ्य निगरानी में काफी मदद मिल रही है। दूसरा प्रोडक्ट देश की संस्कृति से जुड़ा था। इसमें दिखाया गया कि एआई के जरिये पांडुलिपियों, प्राचीन ग्रंथों व पारंपरिक ज्ञान को सेफ रखा जा रहा है। यही नहीं, एआई की मदद से इन चीजों को डिजिटल तौर पर नई पीढ़ी के अनुरूप भी तैयार किया जा रहा है। कई देशों के प्रतिनिधि इस पहल को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने यह देखकर भारत की तकनीकी व सांस्कृतिक पहल की तारीफ की।

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