भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को कांग्रेस ने अमेरिका की जीत बताया
Congress on India-US Trade Deal (आज समाज), नई दिल्ली : भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते का ऐलान कर दिया है और दोनों देशों के बीच इसपर हस्ताक्षर होने बाकी हैं। हालांकि इस समझौते की खबर से भारतीय व्यापार जगत में खुशी की लहर है। लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि भारत ने अमेरिका की किन शर्तों को माना है। क्योंकि पहले अमेरिका ने भारत के सामने ऐसी शर्तें रखीं थी जिससे भारत को कुछ क्षेत्रों में नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी के चलते कई दौर की बातचीत के बाद भी यह समझौता पूरा नहीं हो पा रहा था।
अब इस समझौते को लेकर जहां सरकार इसे कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि बता रही है, वहीं कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि यह समझौता देखने में किसी भी तरह से ‘फादर आॅफ आॅल डील्स’ नहीं लगता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अंतत: अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने झुकने का फैसला कर लिया है। कांग्रेस का आरोप है कि भारत से जुड़े बड़े फैसलों की जानकारी बार-बार अमेरिका से दी जा रही है, न कि भारत सरकार की ओर से।
भारत की विदेश नीति पर उठ रहे सवाल
पार्टी का कहना है कि यह स्थिति भारत की विदेश नीति और सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करती है। बता दें कि पूरे मामले की शुरूआत तब हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को यह एलान किया कि भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापार समझौता तय हो गया है। ट्रंप के मुताबिक, इस समझौते के तहत अमेरिका भारत से आने वाले सामानों पर लगाए जाने वाले पारस्परिक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। यह जानकारी ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद सार्वजनिक की।
जयराम रमेश ने कहा कि ट्रंप लगातार भारत से जुड़े बड़े फैसलों की जानकारी अमेरिका से दे रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि आॅपरेशन सिंदूर को लेकर बयान भी ट्रंप ने वॉशिंगटन से दिया था, भारत के रूस और वेनेजुएला से तेल खरीदने को लेकर भी जानकारी अमेरिका से आई थी, और अब भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा भी ट्रंप ने ही की है।
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