Pakistan Repairing Terrorist Hideouts: आॅपरेशन सिंदूर में क्षतिग्रस्त हुए आतंकवादी ठिकानों की मरम्मत कर रहा पाकिस्तान

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Pakistan Repairing Terrorist Hideouts: ऑपरेशन सिंदूर में क्षतिग्रस्त हुए आतंकवादी ठिकानों की मरम्मत कर रहा पाकिस्तान
Pakistan Repairing Terrorist Hideouts: ऑपरेशन सिंदूर में क्षतिग्रस्त हुए आतंकवादी ठिकानों की मरम्मत कर रहा पाकिस्तान

सैटेलाइट इमेजरी ने पुनर्निर्माण गतिविधियों की पुष्टि की
Pakistan Repairing Terrorist Hideouts, (आज समाज), नई दिल्ली: आॅपरेशन सिंदूर के दौरान पिछले साल जिन पाकिस्तानी आतंकवादी ठिकानों को भारी नुकसान हुआ था, अब उन्हें वापस साफ-सफाई करके मरम्मत का काम किया जा रहा है। इन साइटों पर निर्माण सामग्री और आपूर्ति दिखाई दे रही हैं, जो पुनर्निर्माण गतिविधियों का संकेत देती है।

रिपोर्ट के अनुसार, आॅपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) ने अपने प्रमुख संचालन ठिकानों को पाकिस्तान के कब्जेवाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) से खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) में स्थानांतरित कर दिया है, क्योंकि भारतीय हमलों के बाद पीओजेके अब अत्यधिक असुरक्षित हो गया है।

आतंकी ठिकानों का स्थानांतरण

अमेरिकी की पश्चिम एशिया मीडिया अनुसंधान संस्थान (एमईएमआरआइ) ने कहा, यह स्थानांतरण पाकिस्तान की राज्य संरचनाओं की सीधी सुविधा के साथ किया जा रहा है, जबकि पुलिस सुरक्षा के तहत जेईएम की स्पष्ट सभाएं आयोजित की गई, जिसमें कट्टरपंथी इस्लामिक समूह जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेडीयूआइ) की भागीदारी भी शामिल थी।

आॅपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओजेके में प्रतिबंधित समूहों जेईएम, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े नौ आतंकवादी स्थलों पर हमले किए।

जामिया सुब्हान अल्लाह परिसर में पुनर्निर्माण गतिविधि शुरू

एमईएमआरआइ की रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया, सैटेलाइट इमेजरी से पता चलता है कि बहावलपुर में एन-5 राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित जामिया सुब्हान अल्लाह परिसर में पुनर्निर्माण गतिविधि फिर से शुरू हो गई है। 14 अप्रैल, 2026 की तारीख वाली छवियों में साइट पर भारी मशीनरी और कई निर्माण वाहन तैनात दिखाई दे रहे हैं।

अमेरिका आधारित स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी वैंटार से प्राप्त उच्च-रिजाल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी से पता चलता है कि मस्जिद के क्षतिग्रस्त गुंबदों को फिर से बहाल किया गया है। मरम्मत किए गए गुंबदों का रंग गहरा है, जो हाल के सीमेंट कार्य का संकेत देता है, जबकि हमलों से पहले की छवियों में हल्के रंग की पेंटिंग दिखाई देती है। रिपोर्ट के अनुसार, जेईएम से जुड़े स्थलों पर पुनर्निर्माण प्रयास बहावलपुर से परे दिखाई देते हैं।