Pakistan Airstrike: अफगानिस्तान में हवाई हमले को लेकर भारत ने यूएन में पाकिस्तान को जमकर लताड़ा

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Pakistan Airstrike: भारत ने अफगानिस्तान में हवाई हमले को लेकर यूएन में पाकिस्तान को जमकर लताड़ा

Pakistan Airstrike, (आज समाज), संयुक्त राष्ट्र: भारत ने पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर बड़े एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा की है। काबुल के ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल (mid Drug Rehabilitation Hospital) पर सोमवार रात को हुए पाकिस्तानी हवाई हमले में  लगभग 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और करीब 250 घायल हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारतीय स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने इस हमले के बाद पाकिस्तान को जमकर लताड़ा और उसके फर्जी प्रोपेगैंडा की पोल खोल दी। अफगान तालिबान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया है कि पाकिस्तान के हमले में 408 लोग मारे गए और 265 घायल हुए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी हमले की कड़ी निंदा की है।

काबुल स्थित ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल जिसे पाकिस्तान ने निशाना बनाया।

पाकिस्तान इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने में माहिर

पी हरीश ने कहा, हमारा पड़ोसी मुल्क अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अक्सर इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां गढ़कर गलत माहौल बनाने में बेहद माहिर है। वह बार-बार धार्मिक पहचान को राजनीतिक हथियार बनाकर अपने संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों के लिए संयुक्त राष्ट्र के मंच का अनुचित इस्तेमाल करता है। यूएन ऐसे राष्ट्रों के प्रति आगाह रहना चाहिए और इन खतरों की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

पाकिस्तान से ज्यादा भारत में रहते हैं मुसलमान 

यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने साफ किया पाकिस्तान में जितने मुसलमान रहते हैं उससे ज्यादा हमारे यहां यानी भारत में रहते हैं। उन्होंने बताया कि भारत में 20 करोड़ से ज्यादा मुस्लिम रहते हैं, जो विश्व की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी में से एक है। यही नहीं, भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां दुनिया के तकरबीन सभी प्रमुख धर्मों के लोग शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहते हैं।

भारत में ही हुई है चार प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति 

पी हरीश ने कहा, हिंदू धर्म, सिख धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म, जैसे चार प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति भी भारत में ही हुई है। ऐसे में भारत अन्य देशों की तुलना में धार्मिक भेदभाव से मुक्त विश्व की जरूरत को ज्यादा अच्छे तरीके से समझता है भारत के स्थाई प्रतिनिधि ने एक प्रश्न के तौर पर यूएनजीए में पूछा, क्या पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय के खिलाफ होने वाले दमन और बेबस अफगानों की बड़े पैमाने पर जबरन वापसी तथा रमजान के पवित्र माह में हवाई बमबारी जैसे मामलों को भी इन चर्चाओं में शामिल नहीं किया जाना चाहिए?

पी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र को भी दिखाया आईना

पी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र को भी आईना दिखाया। उन्होंने कहा, यूएन की परिकल्पना एक ऐसे संस्थान के तौर पर की गई थी जो राजनीति, धर्म व संस्कृति से ऊपर उठकर काम करे, इसलिए हमें ऐसे किसी भी ढांचे पर सावधानी बरतने की जरूरत है जो सिर्फ एक धर्म पर ध्यान दे और धार्मिक भय (रिलिजियोफोबिया) की व्यापक समस्या पर वह फोकस करे।भारतीय राजदूत ने यूएन से अपील की कि वे अपना समय व संसाधन समावेशी समाज के निर्माण में लगाएं, जहां हर धर्म के व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।

ओआईसी का अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करता है पाकिस्तान 

पी हरीश ने कहा, पाकिस्तान इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी का अपने लाभ के लिए इस्तेमाल कर अपने मनगढ़ंत दावों के आधार पर भारत के खिलाफ झूठे और निराधार आरोप लगाता है। उन्होंने कहा, भारत में सभी धर्मों के लोग अपना प्रतिनिधि खुद चुनते हैं और वे प्रतिनिधि उनकी आवाज बनते हैं।

अमानवीय हिंसा, कायराना और बर्बर हमला : विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय ने काबुल में अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले को अमानवीय हिंसा, कायराना और बर्बर हमला करार दिया है। बता दें कि पाकिस्तान इस बड़े नरसंहार को सैन्य कार्रवाई के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी सूरत में इसे सैन्य आॅपरेशन नहीं माना जा सकता, अस्पताल एक नागरिक सुविधा केंद्र था और इस पर हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों का घोर उल्लंघन है। इसमें आम लोग मारे गए हैं। भारत ने इसको लेकर पाकिस्तान की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कहा है कि नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों का इलाज हो रहा था और वहां बमबारी करना पाकिस्तान की हताशा को दर्शाता। यह बिना की गई हिंसा है। किसी भी सभ्य समाज की कल्पना से यह परे है।

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