India Employment Vision : हमारा लक्ष्य 3.5 करोड़ रोजगार सृजित करना : मांडविया

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India Employment Vision : हमारा लक्ष्य 3.5 करोड़ रोजगार सृजित करना : मांडविया
India Employment Vision : हमारा लक्ष्य 3.5 करोड़ रोजगार सृजित करना : मांडविया

कहा, 2026 में तकनीक आधारित सेवाओं, जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और लेबर कोड्स के नियमों को लागू करने पर हमारा फोकस

India Employment Vision (आज समाज), नई दिल्ली : केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि 2025 भारत के श्रम और रोजगार तंत्र के लिए परिवर्तनकारी वर्ष रहा है। मंत्री ने कहा कि 2026 में सरकार का फोकस तकनीक आधारित सेवाओं, जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और लेबर कोड्स के नियमों को लागू करने पर होगा। इससे कार्यस्थलों पर स्पष्टता, समानता और पूवार्नुमेयता बढ़ेगी व भारत एक आधुनिक, औपचारिक और समावेशी श्रम बाजार की ओर तेजी से बढ़ेगा।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत करीब एक लाख करोड़ रुपये के परिव्यय से अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है। लगातार नीतिगत प्रयासों के चलते सामाजिक सुरक्षा कवरेज 10 साल पहले के 19 प्रतिशत से बढ़कर अब 64 प्रतिशत से अधिक हो गया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है।

लंबे इंतजार के बाद लेबर कोड होंगे लागू

सरकार ने पांच साल के लंबे इंतजार के बाद चारों लेबर कोड्स को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार के अनुसार, इन संहिताओं से जुड़े नियम जारी होने के बाद वर्ष 2026 में ये पूरी तरह प्रभावी हो जाएंगी। इससे देशभर के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन और सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। श्रम मंत्रालय ने 2026 में ईपीएफओ 3.0 लाने की भी योजना बनाई है। इसके तहत कर्मचारी भविष्य निधि की निकासी प्रक्रिया और तेज होगी, साथ ही कर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत पेंशन निर्धारण और कर्मचारी जमा से जुड़ी बीमा योजना 1976 के तहत बीमा दावों का निपटान भी आसान होगा।

ईपीएफओ में बदलाव किए जाएंगे

मंत्री के मुताबिक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में सुधारों से निकासी प्रक्रिया सरल हुई है और करोड़ों सदस्यों को अपने फंड तक तेजी से पहुंच मिली है। वहीं ई-श्रम पोर्टल और नेशनल करियर सर्विस जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म भी बड़े पैमाने पर श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और रोजगार सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 21 नवंबर 2025 से चारों लेबर कोड्स लागू हो गए हैं, जिनके तहत 29 पुराने श्रम कानूनों को एक आधुनिक और सरल ढांचे में समाहित किया गया है। हालांकि, कई केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने लेबर कोड्स का विरोध करते हुए इन्हें श्रमिक-विरोधी बताया है। यूनियनों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार नियमों को अधिसूचित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाती है, तो वे और कड़े आंदोलन करेंगे।

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