वित्त मंत्री ने पेंशनर सेवा पोर्टल को लेकर बैंकों के साथ अहम समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
Punjab News (आज समाज), चंडीगढ़। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एक बार फिर से दोहराया है कि प्रदेश में किसी भी पेंशनर को पेंशन के भुगतान संबंधी परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित बैंकों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पेंशन भुगतान संबंधी अपने सभी लंबित कार्य जल्द से जल्द पूरा करें। जिससे आने वाले समय में पेंशनर्स की समस्याओं का समाधान करने में आसानी हो।
यह निर्देश वित्त मंत्री ने पेंशनर सेवा पोर्टल से संबंधित देरी और महत्वपूर्ण लंबित मुद्दों की समीक्षा के लिए बैंकों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में समयसीमा में हुई देरी, अधूरे कार्यों और सिस्टम की कमियों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने तत्काल अनुपालन, तेजी से एकीकरण और लंबित मामलों के निपटारे के लिए सख्त निर्देश जारी किए और स्पष्ट किया कि भविष्य में पेंशन भुगतान पूरी तरह बैंकों के प्रदर्शन और वास्तविक प्रगति से जुड़ा होगा।
पोर्टल से जुड़े कई कार्य अभी भी अधूरे
स्थिति की विस्तृत जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने सरकार के रुख, पूर्व में की गई कार्यवाही और सभी संबंधित वित्तीय संस्थानों से भविष्य की अपेक्षाओं को विस्तार से बताया। बैंकरों को संबोधित करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, 24 दिसंबर 2025 को हुई हमारी प्रारंभिक बैठक के बाद से मैं इस पूरे मामले पर लगातार नजर रख रहा हूं, जिसमें बैंकों ने पोर्टल से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए विभिन्न समयसीमाओं का आश्वासन दिया था। 2 फरवरी 2026 को अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) की अध्यक्षता में हुई समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि बैंकों ने निर्धारित समयसीमाओं का पूरी तरह पालन नहीं किया।
बार-बार बढ़वाई जा रही समयसीमा
इसके बाद बैंकों के अनुरोध पर समयसीमाओं को सख्ती से संशोधित और बढ़ाया गया। इसके बाद की बैठक में अपना दखल का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा कि 26 फरवरी 2026 की समीक्षा बैठक में नवंबर 2025 की पेंशन के दावों का भुगतान बैंकों को जारी करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन यह इस शर्त पर था कि बैंक शेष पेंशनरों के जीवन प्रमाण पत्र पूरे करें और 31 मार्च 2026 तक लंबित पीपीओ पीडीएफ जमा करें। आगामी महीनों के भुगतान को बैंकों की वास्तविक प्रगति से जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 के सभी ई-स्क्राल बैंकों द्वारा अपलोड कर दिए गए हैं और राज्य सरकार द्वारा भुगतान सफलतापूर्वक जारी कर दिया गया है। अब डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण) जमा करने और पेंशनर सेवा पोर्टल को बैंक साफ्टवेयर से जोड़ने (इंटीग्रेशन) की प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता है।
पंजाब एंड सिंध बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और केनरा बैंक द्वारा यह एकीकरण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। स्पष्ट निर्देश देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, बैंकों को मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए और पेंशनर सेवा पोर्टल में निर्धारित गणनाओं व फामूर्लों के अनुसार पूरी तरह सही स्क्राल अपलोड करने चाहिए, ताकि उन्हें शीघ्र स्वीकृति मिल सके।
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