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नवजोत सिद्धू को सुप्रीम झटका, रोड रेज में एक वर्ष की सजा, ये है रोड रेज

आज समाज डिजिटल, नई दिल्ली:
नवजोत सिंह सिद्धू को रोड रेज मामले में कोर्ट ने सुप्रीम झटका दिया है। कांग्रेसी नेता को सुप्रीम कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई है। यह रोड रेज का मामला 1988 का है। नवजोत सिंह सिद्धू को पहले इस मामले में राहत मिल गई थी। लेकिन रोड रेज में जिस शख्स की मौत हुई थी, उसके परिवार ने रिव्यू पिटीशन दायर की थी। अब सिद्धू को एक साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

33 साल पुराना है केस

सिद्धू पर 33 साल पहले केस दर्ज हुआ था। इसमें अधिकतम एक साल की सजा ही हो सकती है। अब सिद्धू को पंजाब पुलिस कस्टडी में लेगी। 27 दिसंबर 1988 की शाम सिद्धू अपने दोस्त रूपिंदर सिंह संधू के साथ पटियाला के शेरावाले गेट की मार्केट में पहुंचे। ये जगह उनके घर से 1.5 किलोमीटर दूर है। उस समय सिद्धू एक क्रिकेटर थे। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू हुए एक साल ही हुआ था।

इसी मार्केट में कार पार्किंग को लेकर उनकी 65 साल के बुजुर्ग गुरनाम सिंह से कहासुनी हो गई। बात हाथापाई तक जा पहुंची। सिद्धू ने गुरनाम सिंह को घुटना मारकर गिरा दिया। उसके बाद गुरनाम सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट में आया कि गुरनाम सिंह की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी।

गैर इरादतन हत्या का केस हुआ था दर्ज

उसी दिन सिद्धू और उनके दोस्त रूपिंदर पर कोतवाली थाने में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज हुआ। सेशन कोर्ट में केस चला। 1999 में सेशन कोर्ट ने केस को खारिज कर दिया। साल 2002 में पंजाब सरकार ने सिद्धू के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। इसी बीच सिद्धू राजनीति में आ गए। 2004 के लोकसभा चुनाव में अमृतसर सीट से बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ा और जीते। दिसंबर 2006 को हाईकोर्ट का फैसला आया।

हाईकोर्ट ने सिद्धू और संधू को दोषी ठहराते हुए 3-3 साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही 1 लाख रुपये का जुमार्ना भी लगाया। सिद्धू ने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया। हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सिद्धू की ओर से बीजेपी के दिवंगत नेता अरुण जेटली ने केस लड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई।

जानिये, ये है रोड रेज

यदि आपकी गाड़ी के साथ अन्य गाड़ी की टक्कर हो गई। सड़क पर चलते हुए किसी बात पर दूसरे राहगीर से झगड़ा हो गया। गुस्से में आपने सामने वाले की पिटाई कर दी। यहां तक की हत्या तक मामला पहुंच गया। तो समझिये कि हो गया रोड रेज। सीधा हिंदी मतलब जानना है तो अर्थ है, ट्रैफिक में किसी चालक की ओर से हिंसक रोष व्यक्त करना। 1988 के रोड रेज में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को एक साल की सजा सुनाई है।

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