
Jammu Kashmir Independence Day News: देश में आज स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा है। 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ था। आजादी का दिन सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि देश के लिए गर्व और एकता का दिन होता है। इस खास मौके पर जम्मू-कश्मीर से सामने आई एक तस्वीर लोगों का ध्यान खींच रही है। शोपियां के चोटीपोरा इलाके में आतंकी आबिद रमजान शेख के परिवार की ओर से घर पर तिरंगा फहराने की तस्वीर सामने आई है। यह तस्वीर ऐसे समय में सामने आई है, जब घाटी में देशभक्ति की कई तस्वीरें देखने को मिल रही हैं।
आतंकी के पिता ने फहराया तिरंगा
रिपोर्ट्स के मुताबिक आबिद रमजान शेख के पिता मोहम्मद रमजान शेख ने अपने परिवार और आसपास के लोगों की मौजूदगी में घर पर तिरंगा फहराया। इससे पहले भी जनवरी 2026 में गणतंत्र दिवस के मौके पर उनके घर पर तिरंगा फहराने की खबर सामने आई थी। इस तस्वीर में परिवार के सदस्य राष्ट्रीय ध्वज के साथ नजर आए। यह तस्वीर इसलिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि आबिद रमजान शेख का नाम जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी मामलों से जोड़ा गया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। 2023 में शोपियां पुलिस ने भी उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की थी।
CRPF जवान की हत्या में भी आया था नाम
आबिद रमजान शेख का नाम साल 2022 में शोपियां में हुए एक आतंकी हमले के मामले में भी सामने आया था। 12 मार्च 2022 को छुट्टी पर घर आए CRPF जवान मुख्तार अहमद डोई को चोटीपोरा इलाके में आतंकियों ने गोली मार दी थी। भारत सरकार के ‘भारत के वीर’ पोर्टल के अनुसार, मुख्तार अहमद डोई CRPF की 14वीं बटालियन में तैनात थे और 12 मार्च 2022 को शहीद हुए थे। पुलिस ने उस मामले में हमलावर को गिरफ्तार किया था। उस समय कश्मीर के तत्कालीन आईजीपी ने कहा था कि यह हमला लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर आबिद रमजान शेख के निर्देश पर किया गया था।
लाल चौक पर भी दिखा तिरंगे का जोश
श्रीनगर का ऐतिहासिक लाल चौक भी देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया है। लाल चौक की पहचान लंबे समय से जम्मू-कश्मीर की राजनीति और इतिहास से जुड़ी रही है। यहां तिरंगे से जुड़ी तस्वीरें और समारोह लोगों के लिए खास महत्व रखते हैं। हाल के वर्षों में लाल चौक पर राष्ट्रीय पर्वों के दौरान तिरंगा और देशभक्ति का माहौल देखने को मिला है। जनवरी 2026 में गणतंत्र दिवस के मौके पर भी लाल चौक पर लोगों ने तिरंगा लहराकर देशभक्ति का जश्न मनाया था।

