New Delhi 2.9 crores fraud: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में फर्जीवाड़े का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। हरियाणा के एक कारोबारी को केंद्र सरकार से जुड़ी एक काउंसिल का चेयरमैन बनाने का झांसा देकर ठगों ने 2.9 करोड़ रुपये ठग लिए। कारोबारी का फाइव स्टार होटल में इंटरव्यू और काउंसिलिंग भी की गई थी। लेकिन जब तक उसे अपने साथ हुए फर्जीवाड़े का पता चला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और ठग पैसे लेकर फरार हो गए।
चेयरमैन बनाने की थी बात
नई दिल्ली के चाणक्यपुरी थाने में मामला दर्ज कराया गया है। कारोबारी आयुर्वेदिक दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग का काम करता है और सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है। इसी का फायदा उसके एक परिचित ने उठाया। उससे हरियाणा में काउंसिल का चेयरमैन बनाने की बात कही गई। उसकी मुलाकात एक आरोपी से कराई गई, जिसने उसे जयपुर के एक व्यक्ति से मिलवाया।
फर्जी इंटरव्यू भी कराया
आरोप के मुताबिक, चाणक्यपुरी के एक फाइव स्टार होटल में कारोबारी का फर्जी इंटरव्यू कराया गया। वहां दो लोगों को काउंसिल से जुड़े अधिकारी के तौर पर पेश किया गया। उन लोगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि चेयरमैन बन जाने पर उन्हें सरकारी गाड़ी, पुलिस सुरक्षा, वेतन, सरकारी आवास और अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
वेबसाइट से कारोबारी को भरोसा
आरोपियों ने कारोबारियों को यह भी बताया कि पेड़ लगाने और दूसरे कामों से जुड़े टेंडर के फैसलो में उनकी भूमिका होगी। इसके बाद कारोबारी ने इंटरनेट पर उस काउंसिल की वेबसाइट खोजी, जिसके बाद उसे भरोसा हो गया कि संस्था किसी सरकारी मंत्रालय से जुड़ी है।
घर भी गिरवी रख दिए
नियुक्ति के लिए उनसे बड़ी रकम मांगी गई। कारोबारी ने पैसे जुटाने के लिए अपने मित्रों से उधार लिए। यही नहीं, उसने सोनीपत स्थित अपने घर को बैंक के पास गिरवी भी रख दिया। पैसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराने के साथ-साथ उससे नकदी भी ली गई और बाद में नियुक्ति पत्र दे दिया।
ऐसे फूटा ठगी का भांडा
नियुक्ति पत्र की जांच करने पर कारोबारी को इसके संदिग्ध होने का पता चला। जब उसने आरटीआई डालकर इसके बारे में जानकारी मांगी, तब पता चला कि ऐसा कोई काउंसिल है ही नहीं। इसके बाद कारोबारी को ठगे जाने का एहसास हुआ। बाद में कारोबारी ने थाने में मामला दर्ज कराया।


