अनरसा हमारा पारंपरिक पकवान है, जिसे चावल के आटे से बनाया जाता है। ग्रामीण इलाकों में यह बेहद मशहूर पकवान है, जिसे लोग बेहद चाव से खाते हैं। यह बाजार में भी मिलता है और लोग इसे अपने घर में भी बनाते हैं। चलिए, इस रिपोर्ट में हम जानते हैं कि इसे बनाया कैसे जाता है।
पारंपरिक और स्वादिष्ट अनरसा बनाने के लिए कच्चे मोटे चावल (400 ग्राम), पिसी चीनी (200 ग्राम), सफेद तिल या खसखस, तलने के लिए घी और जरूरत के अनुसार दूध का उपयोग किया जाता है। चावल को 3 दिन तक भिगोकर, सुखाकर पीसें, चीनी व दूध मिलाकर गूंथें, फिर धीमी आंच पर तलें।
सामग्री
- कच्चा मोटा चावल: 400 ग्राम
- पिसी हुई चीनी : 200 ग्राम
- सफेद तिल: 1/2 कप
- घी: तलने के लिए
- दूध या दही: आटा गूंथने के लिए (आवश्यकतानुसार)
चावल तैयार करने की विधि
- चावल को धोकर पानी में भिगोकर रख दें।
- हर 12 घंटे पर इसका पानी बदलें और यह प्रक्रिया 3 दिन (लगभग 48 से 72 घंटे) तक करें।
- चौथे दिन चावल का पानी छान लें।
- चावल को सूती कपड़े पर फैलाकर 15-20 मिनट पंखे की हवा में सुखाएं (चावल पूरी तरह नहीं सूखने चाहिए, उनमें हल्की नमी होनी चाहिए)।
- सूखे चावल को मिक्सी में बारीक पीस लें और छान लें।
आटा गूंथने की विधि
- पिसे हुए चावल के आटे में पिसी हुई चीनी अच्छी तरह मिला लें।
- अब इसमें थोड़ा-थोड़ा दूध या दही डालकर पूरी जैसा सख्त डो तैयार करें।
- डो को ढककर 7-8 घंटे या रात भर के लिए फर्मेंट होने के लिए रख दें।
अनरसा तलने की विधि
- गुंथे हुए आटे से छोटी-छोटी लोइयां बनाएं।
- एक प्लेट में सफेद तिल फैलाएं और लोई को उस पर रखकर हल्के हाथ से चपटा या गोल आकार दें, ताकि तिल अच्छी तरह चिपक जाए।
- कड़ाही में घी गरम करें।
- आंच को धीमा से मध्यम रखें।
- अनरसे को कड़ाही में डालें और ऊपर से गरम घी डालते हुए एक ही तरफ से सेकें।
- जब किनारे हल्के सुनहरे भूरे रंग के हो जाएं, तब इन्हें सावधानी से बाहर निकाल लें।


