दिल्ली-NCR में बदल रहा वीकेंड ट्रैवल का ट्रेंड, अब दो दिन में ही पूरा हो रहा ‘मिनी वेकेशन’

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Delhi Weekend Destination: दिल्ली-NCR में वीकेंड ट्रैवल का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है. युवा अब लंबी छुट्टी के बजाय 2 दिन की रोड ट्रिप, स्टेकेशन और लॉन्ग वीकेंड गेटवे पसंद कर रहे हैं.

Delhi Weekend Destination: हर वीकेंड पार्टी करने के बजाय दिल्ली-NCR के युवा अब कुछ अलग तलाश रहे हैं. ट्रैवल का तरीका तेजी से बदल रहा है. शुक्रवार शाम ऑफिस खत्म होते ही लोग रोड ट्रिप या स्टेकेशन पर निकल जाते हैं और रविवार रात तक वापस लौट आते हैं. यानी हर यात्रा के लिए 5-7 दिन की छुट्टी जरूरी नहीं रही. सिर्फ शनिवार-रविवार या एक लॉन्ग वीकेंड भी मिनी वेकेशन के लिए काफी है.

2 दिन से छोटी हो रही ट्रिप

जूमकार की 2025 ट्रैवल ट्रेंड्स रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में 71 प्रतिशत रोड ट्रिप दो दिन से कम अवधि की थीं. 2023 में यह आंकड़ा 66 प्रतिशत था. वहीं, बुकिंग डॉट कॉम के 2025 के आंकड़ों में 58 प्रतिशत भारतीय यात्रियों ने छोटी घरेलू यात्राओं में रुचि दिखाई. इससे साफ है कि लोग लंबी छुट्टी का इंतजार करने के बजाय छोटी और बार-बार होने वाली यात्राओं को प्राथमिकता दे रहे हैं.

दिल्ली से कुछ घंटे और शुरू हो जाता है वेकेशन

दिल्ली-NCR की मजबूत कनेक्टिविटी इस ट्रेंड को बढ़ावा दे रही है. ऋषिकेश, जयपुर, आगरा, नीमराना, देहरादून, मसूरी और जिम कॉर्बेट जैसे डेस्टिनेशन सड़क मार्ग से कुछ घंटों में पहुंच सकते हैं. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने भी सफर को आसान बनाया है. शुक्रवार शाम कार निकली और कुछ घंटों बाद शहर की भागदौड़ से दूर-यही सुविधा वीकेंड टूरिज्म की नई पहचान बन रही है.

लॉन्ग वीकेंड पर बढ़ रही होटल बुकिंग

इकोनॉमिक टाइम्स के आंकड़ों के अनुसार, 2025 के लॉन्ग वीकेंड में होटल बुकिंग पिछले साल की तुलना में 105 प्रतिशत बढ़ी. 2026 के रिपब्लिक डे लॉन्ग वीकेंड में मेकमायट्रिप के डेटा में जयपुर और उदयपुर जैसे शहरों की लोकप्रियता भी सामने आई.

अब घूमने से ज्यादा जरूरी है ब्रेक

वीकेंड ट्रैवल ने यात्रा का मकसद भी बदला है. अब दो दिनों में ज्यादा से ज्यादा जगहें देखने के बजाय अच्छा खाना, नेचर, आराम और रविवार तक घर वापसी अहम हो गई है. इस ट्रेंड से होटल, होमस्टे, कैफे, गाइड और टैक्सी सेवाओं जैसे स्थानीय कारोबारों को भी फायदा मिल रहा है.

कम दिन का मतलब हमेशा कम खर्च नहीं

छोटी ट्रिप भले ही कम छुट्टी मांगती हो, लेकिन जरूरी नहीं कि वह सस्ती हो. लॉन्ग वीकेंड पर होटल की कीमत, पेट्रोल, टोल, पार्किंग और खाने का खर्च बढ़ सकता है. फिर भी नौकरीपेशा लोगों के लिए कम छुट्टी में घूम आने की सुविधा बड़ा आकर्षण है.

घरेलू पर्यटन में भी तेजी

टूरिज्म मिनिस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत में 428.69 करोड़ घरेलू पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं, जो 2024 के मुकाबले करीब 45.6 प्रतिशत अधिक थीं. हालांकि इनमें हर यात्रा वीकेंड ट्रिप नहीं है, लेकिन घरेलू पर्यटन की बढ़ती रफ्तार इस बदलाव को जरूर दिखाती है.

अगला लॉन्ग वीकेंड 2 अक्टूबर को है. याद है ना, दृश्यम का वो डायलॉग-“दो अक्टूबर को गोवा में स्वामी जी का सत्संग फिर पाव भाजी….”