Foods to Avoid in Monsoon: बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इस दौरान खान-पान को लेकर थोड़ी ज्यादा सावधानी जरूरी हो जाती है. नमी बढ़ने के कारण बैक्टीरिया, फंगस और परजीवी तेजी से पनप सकते हैं. ऐसे में कुछ खाद्य पदार्थ सेहत के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं. आइए जानते हैं वे 7 चीजें, जिन्हें मानसून (Foods to Avoid in Monsoon) में खाने से बचना बेहतर है.
पत्तेदार सब्जियां
पालक, पत्तागोभी, लेट्यूस, मेथी और फूलगोभी जैसी सब्जियां वैसे तो पौष्टिक मानी जाती हैं, लेकिन बारिश के मौसम में इन्हें साफ करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. इनके पत्तों और परतों के बीच मिट्टी, कीड़े और हानिकारक बैक्टीरिया छिपे रह सकते हैं. इसलिए मानसून में इन्हें अच्छी तरह धोकर और पूरी तरह पकाकर ही खाना चाहिए.
सड़क किनारे मिलने वाला स्ट्रीट फूड
गोलगप्पे, चाट और अन्य खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ बारिश के मौसम में संक्रमण का कारण बन सकते हैं. खासकर गोलगप्पों में इस्तेमाल होने वाले पानी की स्वच्छता को लेकर हमेशा भरोसा नहीं किया जा सकता. इसके अलावा, कई जगहों पर एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल किया जाता है, जिससे पाचन संबंधी परेशानी बढ़ सकती है.
खुले में कटे हुए फल
सड़क किनारे ठेलों पर बिकने वाला कटा हुआ तरबूज, पपीता, अनानास या फ्रूट चाट देख मन ललच जाता है, लेकिन मानसून में इससे दूरी रखना बेहतर है. नमी और गर्म वातावरण में कटे फल जल्दी खराब हो सकते हैं. ऊपर से मक्खियों, बारिश के पानी और साफ-सफाई की कमी के कारण इनमें संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
सीफूड
मानसून के दौरान कई मछलियों के लिए प्रजनन का समय होता है. इस मौसम में मछली और अन्य समुद्री खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. दूषित पानी के कारण संक्रमण का जोखिम भी बढ़ सकता है. इसलिए बारिश के मौसम में सीफूड खाते समय उसकी ताजगी और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें.
दूध और डेयरी से बनी चीजें
दूध, दही, पनीर और छाछ जैसे खाद्य पदार्थ नमी वाले मौसम में जल्दी खराब हो सकते हैं, खासकर अगर इन्हें सही तापमान पर स्टोर न किया जाए. कुछ लोगों को मानसून के दौरान दही और छाछ से गैस, पेट फूलने या अपच की शिकायत भी हो सकती है. इसलिए डेयरी उत्पाद हमेशा ताजे और उचित तरीके से रखे हुए ही लें.
मशरूम
मशरूम पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, लेकिन इनमें नमी ज्यादा होती है और ये सही तरीके से स्टोर न किए जाने पर जल्दी खराब हो सकते हैं. मानसून की उमस में खराब या दूषित मशरूम खाने से पेट दर्द, उल्टी या अन्य पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इन्हें खरीदते समय ताजगी जांचना और अच्छी तरह पकाना जरूरी है.
तली-भुनी और ज्यादा तेल वाली चीजें
बारिश और पकौड़ों का रिश्ता पुराना है, लेकिन सेहत के लिहाज से मानसून में ज्यादा तला-भुना खाना सही नहीं माना जाता. पकौड़े, भजिया और समोसे जैसे खाद्य पदार्थ भारी होते हैं और अधिक नमी के कारण पाचन भी कुछ लोगों में धीमा हो सकता है. ज्यादा तेल खाने से एसिडिटी, गैस और पेट फूलने जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं.
बारिश में खान-पान पर रखें खास ध्यान
मानसून में स्वाद के साथ-साथ साफ-सफाई और ताजगी को प्राथमिकता देना जरूरी है. खुले में रखे भोजन की जगह घर का ताजा और अच्छी तरह पका हुआ खाना चुनें. सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोएं, साफ पानी का इस्तेमाल करें और ऐसी चीजों से बचें जिनकी स्वच्छता पर आपको संदेह हो. इस छोटी-सी सावधानी से बारिश के मौसम का मजा भी लिया जा सकता है और पेट को भी स्वस्थ रखा जा सकता है.


