Margashirsha Purnima: जानें मार्गशीर्ष पूर्णिमा की रात क्यों होती है सबसे शुभ?

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Margashirsha Purnima: जानें मार्गशीर्ष पूर्णिमा की रात क्यों होती है सबसे शुभ?
Margashirsha Purnima: जानें मार्गशीर्ष पूर्णिमा की रात क्यों होती है सबसे शुभ?

देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए अति शुभ मानी जाती है मार्गशीर्ष पूर्णिमा की रात
(आज समाज), नई दिल्ली: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को बहुत ही पवित्र और शुभ माना जाता है, लेकिन सभी पूर्णिमाओं में मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा का महत्व सबसे खास होता है। यह दिन न केवल भगवान विष्णु, बल्कि धन की देवी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा पाने के लिए भी उत्तम माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा की रात कुछ विशेष कारणों से सबसे शुभ होती है और इस दौरान किए गए उपायों से धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

क्यों है मार्गशीर्ष पूर्णिमा सबसे शुभ?

  • श्रीमद् भगवद गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं कहा है, मासानां मार्गशीर्षोऽहम् अर्थात्, महीनों में मैं मार्गशीर्ष हूं। यही कारण है कि इस पूरे मास और विशेष रूप से पूर्णिमा पर भगवान विष्णु (श्रीकृष्ण) की पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
  • मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से संपन्न होकर पूर्ण रूप से प्रकाशित होता है। चंद्रमा को मन और शीतलता का कारक माना जाता है। पूर्णिमा की रात चंद्रमा की विशेष ऊर्जा मनुष्य के मन और शरीर को शांति प्रदान करती है और सकारात्मकता बढ़ाती है।
  • स्कंद पुराण और पद्म पुराण जैसे ग्रंथों में इस पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में स्नान और दान करने का विशेष फल बताया गया है। माना जाता है कि इस दिन किया गया दान-पुण्य अक्षय फल देता है, यानी उसका फल कभी समाप्त नहीं होता और वह कई जन्मों के पापों का नाश करता है।

मां लक्ष्मी की कृपा का रहस्य

  • पूर्णिमा तिथि का संबंध सीधे तौर पर धन की देवी मां लक्ष्मी से है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा को सबसे ज्यादा फलदायी माना जाता है, क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसार, पूर्णिमा की रात को मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। मार्गशीर्ष पूर्णिमा की रात, चूंकि यह वर्ष की अंतिम पूर्णिमाओं में से एक होती है, इसलिए इसका प्रभाव और भी बढ़ जाता है।
  • इस दिन प्रदोष काल (शाम का समय) में मां लक्ष्मी की पूजा करने का विशेष विधान है। प्रदोष काल में मां लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन करने से घर में सुख, समृद्धि और वैभव का वास होता है।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए करें ये विशेष उपाय

  • मां लक्ष्मी के पूजन के दौरान उन्हें लाल रंग के फूल और कमल गट्टा अवश्य अर्पित करें। कमल गट्टा मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है और इसे चढ़ाने से धन-धान्य की वृद्धि होती है।
  • रात्रि के समय मां लक्ष्मी के समक्ष घी का दीपक जलाकर कनकधारा स्तोत्र या श्री सूक्त का पाठ करें। माना जाता है कि इन स्तोत्रों का पाठ करने से दरिद्रता दूर होती है और घर में अटूट धन का आगमन होता है।
  • भगवान विष्णु के पूजन में तुलसी दल अर्पित करें और संध्याकाल में घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
  • रात को चंद्रमा को दूध, जल, चावल और सफेद फूल मिलाकर अर्घ्य दें। इससे चंद्र दोष दूर होता है, मानसिक शांति मिलती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
  • इस दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र, कंबल या धन का दान करना महापुण्यकारी माना गया है। दीन-दुखियों की सेवा और दान से मां लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न होती हैं।

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