- हाइड्रोजन प्लांट बनकर हुआ तैयार, उद्घाटन का इंतजार, 2026 में नरवाना शहर का होगा विस्तार, नगर परिषद की बढ़ेगी सीमा
- नरवाना नागरिक अस्पताल होगा 50 से 100 बैड का
Jind News(आज समाज नेटवर्क) जींद। वर्ष 2026 में जींद के लोगों को विकास की बहुत सी उम्मीदे हैं। रेलवे जंक्शन के पास देश का पहला हाइड्रोजन उत्पादन प्लांट तैयार हो चुका है। इस प्लांट से ही आने वाले समय में हाइड्रोजन आधारित रेल परिवहन की शुरुआत होगी। जींद-सोनीपत ट्रैक पर जल्द ही हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन की योजना है। इसके लिए आवश्यक ईंधन इसी प्लांट से उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल न केवल पर्यावरण के अनुकूल होगी बल्कि स्वच्छ ऊर्जा क्रांति की दिशा में देश के लिए मील का पत्थर साबित होगी। हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेन से प्रदूषण में कमी आएगी और ईंधन आयात पर निर्भरता भी घटेगी। वहीं रेलवे जंक्शन का नया भवन बनकर तैयार हो चुका है। अब यात्रियों को इसके उद्घाटन का इंतजार है।

नए जंक्शन भवन का डिजाइन आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रख कर तैयार किया गया
लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से बने यह आधुनिक भवन यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए तैयार है। रेलवे के अनुसार वर्ष 2026 में इस भवन का औपचारिक उद्घाटन प्रस्तावित है। नए जंक्शन भवन का डिजाइन आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है। यहां वेटिंग हॉल, अत्याधुनिक टिकट काउंटर, डिजिटल सूचना बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, एस्केलेटर और लिफ्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष रैंप और अलग से बैठने की व्यवस्था भी की गई है।
साफ.-सफाई और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए पूरे परिसर में हाईटेक सिस्टम लगाए गए हैं।जंक्शन के नए भवन के तैयार होने से शहर के साथ जुड़े आसपास के जिलों के यात्रियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। नए जंक्शन के शुरू होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और शहर की छवि भी निखरेगी। उम्मीद है कि 2026 में इसका उद्घाटन हो जाएगा। रेलवे जंक्शन अधीक्षक जेएस कुंडू केअनुसार रेलवे जंक्शन का भवन का निर्माण पूरा हो गया है। फिलहाल लिफ्ट और एस्केलेटर का काम चल रहा है। यात्रियों को भवन की सुविधा मिलने लगी है। अभी उद्घाटन की तारीख निर्धारित नहीं हुई है।
नए साल में नरवाना को आधुनिक रेस्ट हाउस की सौगात
नरवाना स्थित हरियल रेस्ट हाऊस परिसर में बनी पुरानी और जर्जर बिल्डिंग को तोडऩे का कार्य चल रहा है। वर्ष 2026 में इसी स्थान पर अब एक नई आधुनिक और तीन मंजिला एडिशनल रेस्ट हाऊस बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। जिस पर करीब दो करोड़ 54 लाख रुपये की लागत आएगी। पुरानी बिल्डिंग को तोडऩे का कार्य आगामी दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद फाउंडेशन का काम शुरू होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि नए साल की शुरुआत के साथ ही नई बिल्डिंग के निर्माण कार्य को गति मिल जाएगी। इस एडिशनल रेस्ट हाउस को पूरी तरह तैयार होने में करीब डेढ़ साल का समय लगेगा। नई इमारत को आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।
पहली मंजिल पर 60 लोगों की क्षमता वाला अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल बनाया जाएगा। यह हॉल साउंडप्रूफ होगा और इसमें विशेष प्रकार की आरामदायक कुर्सियां लगाई जाएंगी। आगे की पंक्ति में माइक की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। जिससे वीआईपी, वीवीआईपी या अन्य अधिकारियों की बैठकों में कोई परेशानी नहीं होगी। अभी तक रेस्ट हाउस में कॉन्फ्रेंस हॉल की सुविधा नहीं होने के कारण बैठकें पार्क या खुले स्थान पर आयोजित करनी पड़ती थी। पहली मंजिल पर ही किचन और डाइनिंग रूम का निर्माण भी किया जाएगा। दूसरी मंजिल पर मुख्यमंत्री और वीआईपी के लिए विशेष सूट तैयार किए जाएंगे। जहां केवल सीएम और विशिष्ट अतिथि ही ठहर सकेंगे। तीसरी मंजिल पर चार अधिकारियों के लिए अलग-अलग कमरे बनाए जाएंगे। साथ ही एक अतिरिक्त कक्ष को कार्यालय के रूप में उपयोग किया जाएगा।शहरवासियों का कहना है कि नए साल में इस तरह की आधुनिक सुविधा नरवाना की पहचान को और मजबूत करेगी।
2026 में नरवाना शहर का होगा विस्तार, नगर परिषद की बढ़ेगी सीमा
नरवाना नगर परिषद की सीमा विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठ चुका है। सीमा क्षेत्र बढ़ाने को लेकर ड्रोन और डीजीपीएस तकनीक से कराया गया सर्वे कार्य अब पूरा हो गया है। इसके बाद नगर परिषद अधिकारियों ने अगले चरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस कड़ी में अब फैमिली आईडी डाटा रिकॉर्ड (एफआईडीआर) एकत्रित करने का काम शुरू किया गया है। जिसके लिए सात से आठ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नप चेयरपर्सन मुकेश रानी ने बताया कि एफआईडीआर एकत्रित करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। डाटा संग्रह का यह कार्य पूरा होते ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। एमसी लिमिट बढऩे से लोगों को कई तरह के लाभ मिलेंगे। सीमा विस्तार के बाद बाहरी क्षेत्रों को नगर परिषद की मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
नरवाना सिविल अस्पताल 100 बैड का हुआ
नए साल में स्वास्थ्य से संबंधित नरवाना शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सिविल अस्पताल नरवाना को 50 बैड से बढ़ाकर 100 बैड का कर दिया गया है। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में ही नई बिल्डिंग के निर्माण की दिशा में प्रक्रिया भी तेज हो गई है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने पहले चरण में साइट प्लान तैयार कर सिविल सर्जन जींद कार्यालय को भेजा जा चुका है। गत 17 अगस्त को सिविल अस्पताल को 50 बैड से 100 बैड में अपग्रेड करने की घोषणा की गई थी। 100 बैड का अस्पताल बनने से नरवाना ही नही बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। नए साल में स्वास्थ्य सुविधाओं का यह विस्तार क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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