Jind News : बार-बार टांके लगाने से मर-मर कर जिंदा हो रही है रोहतक रोड की सड़क

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The road on Rohtak Road is barely surviving, being repeatedly patched up with stitches.
बदहाल हुई रोहतक रोड की सड़क।
  • रोहतक रोड का जल्द से जल्द नए सिरे से करवाएं निर्माण
  • लोग परेशान, अगर जल्द नही हुई सुनवाई तो आंदोलन को होंगे मजबूर

Jind News(आज समाज नेटवर्क) जींद। फर्नीचर एसोसिएशन द्वारा बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें शहर के प्रमुख मार्ग रोहतक रोड की बदहाली को लेकर गहरी चिंता और रोष व्यक्त किया गया। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के संरक्षक राजकुमार गोयल एवं प्रधान जितेंद्र गोयल ने संयुक्त रूप से की। बैठक में सर्वसम्मति से जींद के विधायक व हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिड्ढा से मांग की गई कि देवीलाल चौक से लेकर रोहतक रोड बाईपास तक करीबन दो किलोमीटर लंबी सड़क का जल्द से जल्द नए सिरे से निर्माण करवाया जाए। बार-बार टांके लगाने से यह सड़क बार-बार मर मर कर जिंदा हो रही है।

कभी बाइक सवार गिर जाते हैं तो कभी ऑटो और अन्य वाहन पलटते देखे जा रहे हैं

उन्होंने कहा कि रोहतक रोड की हालत दिन ब दिन बद से बदतर होती जा रही है। सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों के कारण यह अब जानलेवा बन गई है। एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द इस सड़क की सुध नहीं ली तो फर्नीचर एसोसिएशन को मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी। बैठक को संबोधित करते हुए संरक्षक राजकुमार गोयल ने कहा कि रोहतक रोड की सड़क मर-मर कर जिंदा हो रही है। सड़क बनते ही टूटने लगी थी, उसके बाद से कई साल तक गड्ढे भरने का खेल ही चलता रहा। अब यह सड़क बार-बार मरम्मत के लायक नही रही। अब इसको जल्द से जल्द नए सिरे से बनाया जाना बहुत जरूरी है। गोयल ने बताया कि इस रोड पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कभी बाइक सवार गिर जाते हैं तो कभी ऑटो और अन्य वाहन पलटते देखे जा रहे हैं।

सांस संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं

यह सड़क अब पैदल यात्रियों, दोपहिया और चार पहिया वाहनों किसी के लिए भी सुरक्षित नहीं रही। उन्होंने कहा कि सड़क की बदहाली का सीधा असर व्यापार पर भी पड़ रहा है। ग्राहकों का आना जाना कम हो गया है जिससे दुकानदारों और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एसोसिएशन के प्रधान जितेंद्र गोयल, पूर्व प्रधान राकेश सिंघल और संजय गर्ग ने कहा कि वैसे तो रोहतक रोड पर प्रशासन द्वारा समय-समय पर पानी का छिडकाव किया जा रहा है, उसके बाद भी इस रोड पर उड़ती धूल और मिट्टी के कारण लोगों की सेहत पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। सांस संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि धूल घरों की रसोई तक पहुंच रही है और खाने-पीने की वस्तुएं दूषित हो रही हैं। क्षेत्रवासियों और व्यापारियों के सब्र का बांध टूटने लगा है।

रोहतक रोड का निर्माण पहले भी आसान नही रहा था

यदि प्रशासन ने शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए तो मजबूरन सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। समाजसेवी राजकुमार गोयल ने बताया कि रोहतक रोड का निर्माण पहले भी आसान नही रहा था। इसके लिए पहले व्यापारियों और क्षेत्रवासियों को लम्बे समय तक संघर्ष करना पड़ा था। कभी मानव श्रृंखला बना कर विरोध जताया गया तो कभी वोट बहिष्कार जैसे कड़े फैसले लिए गए। प्रशासन और सरकार को बार बार ज्ञापन सौंपे गए सैकड़ों पत्र लिखे गए और मुख्यमंत्री स्तर तक संवाद किया गया। लंबे संघर्ष और निरंतर दबाव के बाद करीब चार वर्ष पूर्व इस सड़क का निर्माण हुआ था लेकिन दुर्भाग्यवश आज वही सड़क फिर से बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है और हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि एक बार फिर आंदोलन की नौबत आती नजर आ रही है।

सड़क के बीचोंबीच बना डिवाइडर भी पूरी तरह जर्जर

जहां रोहतक रोड की सड़क पूरी तरह से खंडहर हो चुकी है वहीं सड़क के बीचोंबीच बनाया गया डिवाइडर भी बदहाली की मार झेल रहा है। अधिकांश स्थानों पर डिवाइडर पूरी तरह टूट चुका है। जबकि कई जगहों पर इसके बड़े-बड़े टुकड़े सड़क पर बिखरे पड़े हैं। टूटा हुआ डिवाइडर रात के समय वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। कई बार वाहन डिवाइडर से टकराने से बाल-बाल बचे हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह और भी ज्यादा जानलेवा साबित हो रहा है। डिवाइडर की टूट-फूट से न केवल सड़क की सुंदरता खत्म हो गई है बल्कि यह दुर्घटनाओं को खुला न्योता दे रहा है। इसके बावजूद न तो डिवाइडर की मरम्मत कराई जा रही है और न ही इसे हटाने या दोबारा बनाने की कोई ठोस योजना नजर आ रही है।

गलत प्लानिंग की भेंट चढ़ा डिवाइडर

रोहतक रोड पर चार वर्ष पूर्व बनाया गया डिवाइडर सड़क के बीचोंबीच नही बनाया गया। जो आज एक बड़ी समस्या का कारण बन गया है। डिवाइडर के एक तरफ सड़क और दुकानों के बीच जरूरत से ज्यादा दूरी हो गई जबकि दूसरी तरफ यह दूरी काफी कम रह गई। इस असंतुलन के कारण न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है बल्कि दुकानदारों और ग्राहकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फर्नीचर एसोसिएशन का कहना है कि सड़क निर्माण के समय की गई यह गंभीर तकनीकी चूक आज तक सुधारी नही गई। एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि इस बार जब सड़क का पुनर्निर्माण किया जाए तो डिवाइडर को पूरी तरह सड़क के बीचोंबीच वैज्ञानिक तरीके से बनाया जाए ताकि सड़क दोनों ओर से संतुलित सुरक्षित और सुगम बन सके।

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