Iran-US: ट्रम्प की धमकी पर ईरान का पलटवार, कहा- मीन और समुद्र से हमला करने वाले 1000 ड्रोन तैयार

0
182
Iran-US: ट्रम्प की धमकी पर ईरान का पलटवार, कहा- मीन और समुद्र से हमला करने वाले 1000 ड्रोन तैयार
Iran-US: ट्रम्प की धमकी पर ईरान का पलटवार, कहा- मीन और समुद्र से हमला करने वाले 1000 ड्रोन तैयार

ईरान की तरफ बढ़ रहे है अमेरिकी युद्धपोत
Iran-US, (आज समाज), नई दिल्ली: अमेरिका की सैन्य धमकी के बीच ईरान ने अपनी ताकत को लेकर बड़ा दावा किया है। ईरानी सेना का कहना है कि उसने जमीन और समुद्र से हमला करने वाले 1000 ड्रोन तैयार कर लिए हैं। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान पर और कड़े हमलों की चेतावनी दे चुके हैं। ट्रम्प के मुताबिक अमेरिकी युद्धपोत ईरान की तरफ बढ़ रहे हैं। ईरानी सेना का दावा है कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो ड्रोन और मिसाइलों का यह नेटवर्क देश की रक्षा में अहम भूमिका निभा सकता है।

बैलिस्टिक मिसाइलें भी मौजूद

ईरान के सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातामी ने कहा कि पिछले साल जून में हुए 12 दिन के संघर्ष के बाद ईरान ने अपनी सैन्य रणनीति बदली है। इसके तहत बड़ी संख्या में ड्रोन तैयार किए गए हैं। हातामी के मुताबिक, ये ड्रोन जमीन और समुद्र दोनों जगहों से आॅपरेट किए जा सकते हैं। इसके अलावा ईरान के पास पहले से ही बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें मौजूद हैं।

अमेरिका के एक जंगी जहाज के ऊपर भरी उड़ान

ट्रम्प ने 28 जनवरी को ईरान से परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने को कहा था और चेतावनी दी थी कि अगला हमला पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक होगा। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने भी कहा है कि सेना राष्ट्रपति के किसी भी सैन्य आदेश के लिए तैयार है। हाल ही में ईरान ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उसके ड्रोन ने अमेरिका के एक जंगी ऊपर उड़ान भरी।

यूरोपियन यूनियन ने ईरानी सेना को आतंकी संगठन किया

यूरोपियन यूनियन ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। यह फैसला विरोध प्रदर्शनों पर ईरानी सरकार की हिंसक कार्रवाई के चलते लिया गया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड के शीर्ष कमांडरों समेत 15 अधिकारियों और 6 संगठनों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। इनमें आॅनलाइन कंटेंट की निगरानी करने वाली संस्थाएं भी हैं। यूरोप में इनकी संपत्तियां जब्त की जाएंगी और उनकी यात्रा पर रोक लगेगी।

ईयू की राजनयिक काजा कलास ने कहा कि दमन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आईआरजीसी को अब अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठनों के बराबर माना जाएगा। आॅस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका पहले ही आईआरजीसी को आतंकी संगठन घोषित कर चुके हैं। हालांकि ब्रिटेन ने अब तक इसे अपनी आतंकी सूची में शामिल नहीं किया है।

ईरान के विदेश मंत्री ने बताया दिखावटी कदम

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ईयू के इस फैसले को दिखावटी कदम और बड़ी रणनीतिक गलती बताया है। उनका कहना है कि यूरोप हालात संभालने के बजाय तनाव बढ़ा रहा है। आईआरजीसी ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य ताकत मानी जाती है। इसकी स्थापना 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद हुई थी। इसके पास करीब 1.90 लाख सक्रिय सैनिक हैं।

इस्तांबुल पहुंचे ईरानी विदेशमंत्री

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार को इस्तांबुल पहुंचे। उन्होंने यहां तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान से मुलाकात की है। इस यात्रा का मकसद अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर बातचीत करना है तुर्किये तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, अराघची की राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन से भी बैठक प्रस्तावित है।

तुर्किये के विदेश मंत्री ने दोनों पक्षों से बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है। फिदान ने यह भी सुझाव दिया है कि अमेरिका को ईरान से जुड़े मुद्दों को एक-एक कर सुलझाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मसलों पर बात होनी चाहिए, न कि सभी मुद्दों को एक साथ उठाया जाए।

ये भी पढ़ें: अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा को डिप्टी सीएम बनाने की मांग