India-EU FTA: ईयू से डील का भारत को होगा ज्यादा फायदा: जैमीसन ग्रीर

0
663
India-EU FTA: ईयू से डील का भारत को होगा ज्यादा फायदा: जैमीसन ग्रीर
India-EU FTA: ईयू से डील का भारत को होगा ज्यादा फायदा: जैमीसन ग्रीर

अमेरिकी ट्रेड अधिकारी ने कहा- भारत को यूरोपीय बाजार में मिलेगी ज्यादा पहुंच
India-EU FTA, (आज समाज), नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुए व्यापार समझौते पर विदेशों से प्रतिक्रया आनी शुरू हो गई है। अमेरिका के ट्रेड अधिकारी जैमीसन ग्रीर ने इस समझौते को भारत में पक्ष में बताया है। ग्रीर ने कहा है कि इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा भारत को मिलने वाला है। उनके मुताबिक, यह डील कई मायनों में भारत के पक्ष में झुकी हुई है।

ग्रीर ने फॉक्स बिजनेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि समझौते के लागू होने के बाद भारत को यूरोपीय बाजार में ज्यादा पहुंच मिलेगी और कुल मिलाकर भारत टॉप पर रहेगा। वहीं ब्रिटिश अखबार टेलीग्राफ ने भारत के लिए इस समझौते की तारीफ की है। अखबार ने लिखा है कि पीएम मोदी इस समझौते के असली विजेता है। ग्रीर ने यह भी कहा कि इस समझौते से भारतीय कंपनियों को यूरोप में व्यापार बढ़ाने का बड़ा मौका मिलेगा।

भारत-ईयू फ्री ट्रेड डील का एक बड़ा कारण अमेरिका की बदलती व्यापार नीति

ग्रीर ने कहा, मैंने अब तक डील के कुछ डिटेल्स देखे हैं। ईमानदारी से कहूं तो इसमें भारत को फायदा मिलता दिख रहा है। भारत को यूरोप के बाजार में ज्यादा पहुंच मिल रही है। ग्रीर ने यह भी कहा कि भारत-ईयू फ्री ट्रेड डील का एक बड़ा कारण अमेरिका की बदलती व्यापार नीति है। उनके मुताबिक, अमेरिका अब घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को प्राथमिकता दे रहा है। साथ ही दूसरे देशों को अमेरिकी बाजार तक आसानी से पहुंच नहीं दे रहा।

घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दे रहा अमेरिका

ग्रीर ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया और विदेशी देशों से आने वाले सामान पर शुल्क जैसे कदम उठाए गए। इससे कई देश, खासकर यूरोपीय यूनियन, अपने उत्पाद बेचने के लिए नए बाजार तलाशने लगे हैं।

भारतीय वर्कर्स को यूरोप में काम करने के लिए मिल सकते हैं ज्यादा मौके

ग्रीर के मुताबिक, भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में भारतीय कामगारों की यूरोप में आवाजाही से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। उनका कहना है कि इस डील के तहत भारतीय प्रोफेशनल्स और वर्कर्स को यूरोपीय देशों में काम करने के ज्यादा मौके मिल सकते हैं। ग्रीर ने कहा, ऐसा लगता है कि समझौते में कुछ इमिग्रेशन राइट्स भी दिए जा सकते हैं। मुझे अभी पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन एव की राष्ट्रपति उसुर्ला वॉन डर लेयेन पहले ही भारतीय वर्कर्स की यूरोप में मोबिलिटी की बात कर चुकी हैं।

यह भी पढ़ें : Ajit Pawar Political Journey: महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपमुख्यमंत्री थे अजीत