India-EU Trade Deal : भारत और ईयू के बीच एफटीए को लेकर अहम वार्ता आज

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India-EU Trade Deal : भारत और ईयू के बीच एफटीए को लेकर अहम वार्ता आज
India-EU Trade Deal : भारत और ईयू के बीच एफटीए को लेकर अहम वार्ता आज

करीब एक दशक से अटके फ्री टेÑड एग्रीमेंट पर निर्णायक हो सकती है वार्ता, 23 में से 11 बिंदू पर बन चुकी है सहमति

India-EU Trade Deal (आज समाज), नई दिल्ली : भारत और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों के बीच आज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर अहम वार्ता होने जा रही है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्योग एंव वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल करेंगे। ज्ञात रहे कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए पर वार्ता 2013 से लंबित है। लेकिन बदलते परिवेश और अमेरिकी टैरिफ से राहत के लिए अब दोनों पक्ष तेजी से इस वार्ता को पूरा करने की कोशिश में हैं ताकि वैश्विक चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सके। भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर वार्ता अब तेज मोड़ पर पहुंच गई है।

इसी क्रम में यूरोपीय संघ का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैठक का मकसद साल के अंत तक समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति की समीक्षा करना है। ईयू टीम का नेतृत्व सबाइन वेयेंड, डायरेक्टर जनरल, ट्रेड विभाग कर रही हैं। उनका मुख्य उद्देश्य वस्तुओं और सेवाओं से जुड़े उन मुद्दों को सुलझाना है, जिन पर अभी भी दोनों पक्षों में मतभेद बने हुए हैं।

पिछले वित्त वर्ष में हुआ 136.53 अरब डॉलर का कारोबार

भारत और यूरोपीय संघ के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 136.53 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वर्तमान समय में भारत का ईयू को निर्यात 75.85 अरब डॉलर का है जबकि यूरोपीय संघ से भारत ने 60.68 अरब डॉलर की वस्तुुओं का आयात किया है। ईयू बाजार भारत के कुल निर्यात का 17% हिस्सा है, जबकि ईयू की भारत को निर्यात हिस्सेदारी 9% है।

इन मुद्दों पर अटका है दोनों पक्षों में समझौता

अधिकारी के मुताबिक, भारत-ईयू एफटीए वार्ता में अभी भी कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। इनमें स्टील सेक्टर, कार्बन टैक्स, आॅटोमोबाइल, और नॉन-टैरिफ बैरियर्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ईयू की ओर से विशेष रूप से आॅटोमोबाइल, मेडिकल डिवाइस, वाइन, स्पिरिट, मांस और पोल्ट्री जैसे उत्पादों पर बड़ी ड्यूटी कटौती की मांग की जा रही है। इसके साथ ही, यूरोपीय संघ एक मजबूत बौद्धिक संपदा अधिकार ढांचा स्थापित करने पर भी जोर दे रहा है, जो उनकी प्राथमिकताओं की सूची में प्रमुख है।

भारत को इन क्षेत्रों में होगा लाभ

विशेषज्ञों का कहना है कि समझौता लागू होने के बाद भारत के कई प्रमुख क्षेत्रों को सीधा लाभ मिल सकता है। रेडीमेड गारमेंट, फार्मास्यूटिकल्स, स्टील, पेट्रोलियम उत्पाद और इलेक्ट्रिकल मशीनरी जैसे सेक्टर यूरोपीय बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धा को और मजबूत कर पाएंगे। इन उत्पादों की पहुंच बढ़ने के साथ भारत का निर्यात भी गति पकड़ सकता है।

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