- दिल्ली पुलिस से हिमाचल पुलिस को भिड़ाना संविधान और कानून व्यवस्था पर खुला हमला
Himachal, (आज समाज), ऊना: हिमाचल प्रदेश की भाजपा इकाई के अध्यक्ष राजीव बिंदल ने यहां प्रदेश कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने गुरुवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पिछले 24 घंटों में जो घटनाक्रम सामने आया है, वह ‘ना भूतो ना भविष्यति’ जैसा है। देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा से जुड़े एआई समिट प्रकरण (AI Summit case) में जिन लोगों पर भारत की छवि धूमिल करने के गंभीर आरोप हैं, उन्हें संरक्षण देने के लिए प्रदेश सरकार ने कानून के रखवालों को ही आमने-सामने खड़ा कर दिया। यह अराजकता की पराकाष्ठा है।
आरोपियों को गिरफ्तार करने हिमाचल आई थी दिल्ली पुलिस
डॉक्टर बिंदल ने कहा कि दिल्ली पुलिस विधिसम्मत कार्रवाई के तहत आरोपियों को गिरफ्तार करने हिमाचल आई, लेकिन प्रदेश पुलिस ने उन पर ही अपहरण का मुकदमा दर्ज कर हाई-वोल्टेज ड्रामा खड़ा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक संरक्षण देने के उद्देश्य से की गई। देश की गरिमा को ठेस पहुंचाने वालों को बचाने के लिए यदि सरकार पुलिस बलों को टकराव की स्थिति में ले आए, तो इससे बड़ा संवैधानिक संकट और क्या होगा?।
हिमाचल में कानून व्यवस्था चरमराई
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, तीन वर्षों से हिमाचल में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। नालागढ़ में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत शरीर मिलने की घटना हो, चंबा में वन अधिकारी पर माफिया का हमला हो, मंडी में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मारपीट हो, बिलासपुर-ऊना में गोलियां चलने की घटनाएं हों या दलित बालक की निर्मम हत्या, सरकार हर मामले में मौन और निष्क्रिय रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माफिया राज फल-फूल रहा है, लेकिन सरकार की संजीदगी केवल अपने राजनीतिक हितों तक सीमित है।
संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं कर रही सुक्खू सरकार
डाक्टर बिंदल ने आरोप लगाया कि संविधान की शपथ लेने के बाद भी सरकार संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि पंचायती राज चुनावों को लेकर चुनाव आयोग द्वारा समयसीमा तय करने के बावजूद सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोग के निदेर्शों पर अमल न किया जाए। यह संवैधानिक मयार्दाओं का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा और आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये वकीलों पर खर्च कर सरकार चुनाव आयोग के विरुद्ध अदालतों में लड़ाई लड़ रही है।
जनता लोकतांत्रिक तरीके से देगी जवाब
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि आरोपियों के विरुद्ध मामला न्यायालय में है और अंतिम निर्णय न्यायपालिका करेगी। परंतु दो राज्यों की पुलिस को आमने-सामने खड़ा कर देना संघीय ढांचे और कानून व्यवस्था पर आघात है। यह स्थिति किसी भी लोकतांत्रिक राज्य के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कांग्रेस सरकार की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि जनता सब देख रही है और प्रदेश में अराजकता, संरक्षणवाद और संवैधानिक अव्यवस्था का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा।
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