चीन, रूस जैसे देशों से आने वाले खतरे से अमेरिका को बचाना गोल्डन डोम का मकसद
Greenland Crisis Update, (आज समाज), नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर से ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की अपनी इच्छा दोहराई है। उन्होंने कहा कि कुछ न कुछ हल निकल आएगा। ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को गोल्डन डोम नामक बड़े रक्षा प्रोजेक्ट के लिए बहुत महत्वपूर्ण बताया है। ट्रम्प का यह बयान व्हाइट हाउस में अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों के बीच हुई हाई कमेटी बैठक के बाद आया है।
इस बैठक में कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ। गोल्डन डोम अमेरिका का मिसाइल रक्षा प्रोजेक्ट है। यह प्रोजेक्ट इजराइल के आयरन डोम से प्रेरित है। गोल्डन डोम का मकसद चीन, रूस जैसे देशों से आने वाले खतरे से अमेरिका को बचाना है।
हम अमेरिका के गुलाम नहीं होना चाहते
बैठक के बाद ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मोट्जफेल्ड ने कहा कि उन्हें अमेरिका के साथ संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद है। लेकिन ग्रीनलैंड पर अमेरिका का राज स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, अमेरिका के साथ अपने सहयोग को मजबूत करना हमारे लिए ठीक है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम अमेरिका के गुलाम होना चाहते हैं।
नाटो को हमारी मदद करनी चाहिए
ट्रम्प ने कहा कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड नहीं लिया, तो रूस या चीन इसे ले लेंगे और वे ऐसा कभी नहीं होने देंगे। ट्रम्प का कहना है कि नोटो को इस मामले में आगे आना चाहिए और अमेरिका को ग्रीनलैंड दिलाने में मदद करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ग्रीनलैंड अमेरिका के हाथ में होने से नाटो और ज्यादा मजबूत और प्रभावी हो जाएगा।
ग्रीनलैंड पर चर्चा के लिए वर्किंग ग्रुप बनेगा
व्हाइट हाउस में हुई बातचीत में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोक्के रासमुसेन और ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मोट्जफेल्ट शामिल हुईं। इस बैठक में कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ है। हालांकि, बैठक के बाद तीनों पक्षों ने ग्रीनलैंड से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए एक संयुक्त वर्किंग ग्रुप बनाने पर सहमति जताई, जिसकी बैठकें आने वाले हफ्तों में होंगी।
स्वीडन ने ग्रीनलैंड में सैन्यकर्मी भेजे, फ्रांस और जर्मनी भी टीम भेजेंगे
स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने बुधवार को कहा कि डेनमार्क के कहने पर स्वीडिश आर्म्ड फोर्स के कई अधिकारियों को एक सैन्य अभ्यास में शामिल होने के लिए ग्रीनलैंड भेजा गया है। इसके अलावा फ्रांस और जर्मनी दोनों ने कहा है कि वे ग्रीनलैंड में सैन्यकर्मी भेजेंगे।
यूरोपीय देशों ने भी सुरक्षा सहयोग की पेशकश की है। जर्मन विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने में डेनमार्क का समर्थन करने के लिए 13 लोगों की एक टीम भेजेगा। नॉर्वे के रक्षा मंत्री टोरे सैंडविक ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया है कि नॉर्डिक देश आर्कटिक में नाटो सदस्यों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए ग्रीनलैंड में दो सैन्यकर्मियों को भेजेगा।
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