Punjab CM News : नशे के खिलाफ युद्ध में मिल रहा जन सहयोग : सीएम

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Punjab CM News : नशे के खिलाफ युद्ध में मिल रहा जन सहयोग : सीएम
Punjab CM News : नशे के खिलाफ युद्ध में मिल रहा जन सहयोग : सीएम

कहा, पिछली सरकारों ने नशे के व्यापार को संरक्षण दिया और पीढ़ियों को बर्बाद किया

Punjab CM News (आज समाज), चंडीगढ़ : पंजाब सीएम भगवंत सिंह मान ने प्रदेश में सरकार द्वारा नशे को जड़ से खत्म करने के लिए चलाई जा रही मुहिम में जनता के सहयोग के लिए लोगों को बधाई दी है। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा एक साल पहले शुरू किए गए युद्ध नशे विरुद्ध अभियान को एक साल पूरा हो चुका है। इस दौरान प्रदेश की जनता ने इस अभियान में सरकार और पुलिस का पूरा सहयोग करते हुए इसे जन आंदोलन का रूप दिया है। सीएम ने पंजाब के लोगों को बधाई दी और इसे राज्य को नशों के खतरे से मुक्त करने की दिशा में एक निर्णायक और ऐतिहासिक अभियान बताया।

नशा तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्ध नशों विरुद्ध मुहिम पंजाब में ड्रग नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई रही है। पिछली सरकारों ने ड्रग व्यापार को संरक्षण दिया, जिससे राज्य की कई पीढ़ियां बर्बाद हो गईं। दूसरी ओर, पंजाब सरकार ने नशों की सप्लाई लाइन तोड़कर और इस घिनौने अपराध में शामिल बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे भेजकर नशे के कारोबार की रीढ़ तोड़ दी है। इस मुहिम के प्रभाव और व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशों के खिलाफ इस मुहिम को आम लोगों के सक्रिय सहयोग से एक जन आंदोलन में बदलने के लिए व्यापक और बहुआयामी रणनीति अपनाई गई। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक नशों के खतरे के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति लागू की गई।

अभियान के तहत इतनी सफलता हासिल की

इस मुहिम के अंतर्गत की गई कार्रवाई का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ कुल 36,178 एफआईआर दर्ज की गईं और 51,648 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त 2,277 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई तथा 49 लाख से अधिक नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए। उन्होंने आगे कहा कि नशा तस्करों से 16.70 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है और तस्करों से संबंधित करोड़ों रुपये की संपत्तियां जब्त या ध्वस्त की गई हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल सजा दर लगभग 84 प्रतिशत रही है, जो निरंतर सुधार के साथ वर्ष 2025 में लगभग 88 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह मजबूत केस तैयारी और फॉरेंसिक सहयोग का प्रमाण है।