फ्रांस के राष्ट्रपति ने दिए आदेश, परमाणु चलित विमानवाहक है यह पोत
Iran War Update News (आज समाज), पेरिस : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किया गया हमला और उसके बाद ईरान द्वारा कई देशों पर की गई बमबारी से न केवल पश्चिम एशिया में हालात बिगड़ रहे हैं बल्कि इसका असर यूरोप तक फैल रहा है। यही कारण है कि जर्मनी और फ्रांस जैसे देश भी युद्ध में कूद चुके हैं।
एक तरफ जहां जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अमेरिका की सोच की सराहना करते हुए उसके इस कदम को सही बताया है वहीं अब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने परमाणु चालित विमानवाहक पोत चार्ल्स डे गॉल को बाल्टिक सागर से भूमध्य सागर की ओर तत्काल तैनाती का आदेश दिया। उनके इस कदम का मकसद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच फ्रांस के मित्र देशों की रक्षा और यूरोपीय हितों की सुरक्षा में मदद करना है। मैक्रों ने कहा कि चार्ल्स डे गॉल अपने एयर विंग (हवाई दस्ते) और उसे सुरक्षा देने वाली फ्रिगेट जहाजों के साथ जाएगी।
फ्रांस ने इसलिए लिया फैसला
बता दें कि पश्चिम एशिया में हाल के दिनों में सुरक्षा स्थिति गंभीर हो गई है। सोमवार को साइप्रस में ब्रिटिश वायु सेना के एक सैन्य अड्डे पर हमले की खबरें आईं। साइप्रस यूरोपीय संघ का सदस्य है और फ्रांस ने हाल ही में उसके साथ रणनीतिक साझेदारी भी की है। ऐसे में फ्रांस ने मित्र देशों और यूरोपीय सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चार्ल्स डे गॉल को तैनात करने का फैसला किया।
फ्रांस के राष्ट्रपति ने टीवी पर दी गई अपने रिकॉर्डेड संदेश में बताया कि राफेल फाइटर जेट, वायु रक्षा प्रणाली और एयरबोर्न राडार सिस्टम पिछले कुछ घंटों में पश्चिम एशिया में तैनात किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि हम इस प्रयास को तब तक जारी रखेंगे जब तक जरूरत होगी। मैक्रों ने सोमवार को साइप्रस में ब्रिटिश वायु सेना के आधार पर हुए हमले का जिक्र किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि साइप्रस यूरोपीय संघ का सदस्य है, जिसके साथ फ्रांस ने हाल ही में रणनीतिक साझेदारी की है।
उन्होंने कहा कि इसलिए हमें वहां मदद भेजनी होगी। यही कारण है कि मैंने वहां अतिरिक्त वायु रक्षा उपकरण और फ्रांस का फ्रिगेट लांग्डोक भेजने का फैसला किया है, जो आज शाम साइप्रस के तट पर पहुंचेगा। अपने संदेश में मैक्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रांस इस प्रयास को तब तक जारी रखेगा जब तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रहे। इसके अलावा फ्रांस का फ्रिगेट जहाज लांग्डोक आज शाम साइप्रस के तट पर पहुंचकर वहां की सुरक्षा में सहयोग करेगा।
ईरान पर हमले अभी जारी है और अमेरिका पहले ही घोषणा कर चुका है कि वह लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार है। अब एक बार फिर से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हालिया अमेरिकी हमलों का जोरदार बचाव किया है। ट्रंप ने कहा कि इस कार्रवाई से ईरान की मिसाइल क्षमता और एयर डिफेंस सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है। उनके अनुसार अब ईरान की ताकत काफी कमजोर हो चुकी है।
ये भी पढ़ें : US-Iran War Update : हमने ईरान को काफी कमजोर कर दिया : ट्रंप


