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हनुमान जयंती ऐसें करें पूजा Hanuman Jayanti

आज समाज डिजिटल, अम्बाला
Hanuman Jayanti : देशभर में हनुमान जयंती धूमधाम के साथ मनाई जा रही है। सिद्धिपीठ हनुमान मंदिर पहुंच रहे है। विश्व में भक्ति और शक्ति के आदर्श वीर हनुमान भगवान राम के भक्त थे। माता अंजनि के पुत्र हनुमान को पवन पुत्र कहा जाता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार चैत्र मास की पूर्णिमा के दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। हनुमान जी को भगवान शिव के अवतार के रुप में भी जाना जाता है।

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Hanuman Jayanti

पूजन सामग्री Hanuman Jayanti 

एक चौकीएक, लाल कपड़ा, हनुमान जी की मूर्ति या फोटो, एक कप अक्षत, घी से भरा एक दीय, कुछ ताजे फूलचंदन या रोली, गंगाजल, कुछ तुलसी की पत्तियां, एक धूप, नैवेद्य (गुड और भुने चने)।

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ऐसें करें हनुमान जी की पूजा Hanuman Jayanti  

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कामों ने निवृत्त होकर स्नान करें. इसके बाद हनुमान जी को ध्यान कर हाथ में गंगाजल लेकर व्रत का संकल्प करें।
  • साफ-स्वच्छ वस्त्रों में पूर्व दिशा की ओर भगवान हनुमानजी की प्रतिमा को स्थापित करें. विनम्र भाव से बजरंग बली की प्रार्थना करें।
  • एक चौकी पर अच्छी तरह से लाल कपड़ा बिछा दें. चौकी पर हनुमान जी की मूर्ति या फोटो लगाएं।
  • ध्यान रखना चाहिए कि कोई भी पूजा भगवान गणेश को सर्वप्रथम नमन किए बिना पूरी नहीं होती है।
  • दीया और धूप जलाएं, हनुमान जी को लाल और राम जी को पीले फूल अर्पित करें।
  • लड्डुओं के साथ साथ तुलसी दल भी अर्पित करें।
  • पहले श्री राम के मंत्र ‘राम रामाय नमः’ का जाप करें. फिर हनुमान जी के मंत्र ‘ॐ हं हनुमते नमः’ का जाप करें।

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श्री बजरंग बाण का पाठ Hanuman Jayanti 

निश्चय प्रेम प्रतीति ते,बिनय करै सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥

जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥
जन के काज विलम्ब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥
जैसे कूदि सिन्धु वहि पारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥
आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुर लोका॥
जाय विभीषण को सुख दीन्हा। सीता निरखि परम पद लीन्हा॥
बाग उजारि सिन्धु महं बोरा। अति आतुर यम कातर तोरा॥
अक्षय कुमार मारि संहारा। लूम लपेटि लंक को जारा॥
लाह समान लंक जरि गई। जय जय धुनि सुर पुर महं भई॥
अब विलम्ब केहि कारण स्वामी। कृपा करहुं उर अन्तर्यामी॥
जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता। आतुर होइ दु:ख हरहुं निपाता॥
जय गिरिधर जय जय सुख सागर। सुर समूह समरथ भटनागर॥
ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्त हठीले। बैरिहिं मारू बज्र की कीले॥
गदा बज्र लै बैरिहिं मारो। महाराज प्रभु दास उबारो॥
ॐकार हुंकार महाप्रभु धावो। बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो॥
ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमन्त कपीसा। ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा॥
सत्य होउ हरि शपथ पायके। रामदूत धरु मारु धाय के॥
जय जय जय हनुमन्त अगाधा। दु:ख पावत जन केहि अपराधा॥
पूजा जप तप नेम अचारा। नहिं जानत कछु दास तुम्हारा॥
वन उपवन मग गिरि गृह माहीं। तुमरे बल हम डरपत नाहीं॥
पाय परौं कर जोरि मनावों। यह अवसर अब केहि गोहरावों॥
जय अंजनि कुमार बलवन्ता। शंकर सुवन धीर हनुमन्ता॥
बदन कराल काल कुल घालक। राम सहाय सदा प्रतिपालक॥
भूत प्रेत पिशाच निशाचर। अग्नि बैताल काल मारीमर॥
इन्हें मारु तोहि शपथ राम की। राखु नाथ मरजाद नाम की॥
जनकसुता हरि दास कहावो। ताकी शपथ विलम्ब न लावो॥
जय जय जय धुनि होत अकाशा। सुमिरत होत दुसह दु:ख नाशा॥
चरण शरण करि जोरि मनावों। यहि अवसर अब केहि गोहरावों॥
उठु उठु चलु तोहिं राम दुहाई। पांय परौं कर जोरि मनाई॥
ॐ चं चं चं चं चपल चलन्ता। ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता॥
ॐ हं हं हांक देत कपि चञ्चल। ॐ सं सं सहम पराने खल दल॥
अपने जन को तुरत उबारो। सुमिरत होय आनन्द हमारो॥
यहि बजरंग बाण जेहि मारो। ताहि कहो फिर कौन उबारो॥
पाठ करै बजरंग बाण की। हनुमत रक्षा करै प्राण की॥
यह बजरंग बाण जो जापै। तेहि ते भूत प्रेत सब कांपे॥
धूप देय अरु जपै हमेशा। ताके तन नहिं रहे कलेशा॥

प्रेम प्रतीतिहिं कपि भजै,सदा धरै उर ध्यान। तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥

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बजरंग बाण पाठ के लाभ Hanuman Jayanti 

  • आप नियमित रूप से बजरंग बाण का पाठ करेंगे तो आप सभी प्रकार के भय आदि से मुक्ति हो जाएंगे इसके साथ ही आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
  • अगर आप अपने किसी शत्रु से परेशान हैं तो बजरंग बाण का पाठ नियमित रुप से करें। इससे वो आपको हानि नहीं पहुंचा पाएगा।
  • व्यापार और कारोबार में वृद्धि के लिए बजरंग बाण का पाठ करें|
  • जिन लोगों के कार्य नहीं बनते या बने हुए कार्य बिगड़ जाते हैं उन्हें भी रोज़ाना बजरंग बाण का पाठ अवश्य करना चाहिए|
  • अगर आप भी ह्रदय रोग व ब्लड प्रेशर के रोग से ग्रसित हैं तो आपको भी रोज़ाना बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए।
  • इसके करने से स्वास्थ्य में विशेष लाभ होता है।
  • विवाह में कोई अड़चन आ रही है, या आपका वैवाहिक जीवन सही नहीं चल रहा है तो बजरंग बाण का पाठ करें।
  • पाठ करने से सारे दुख दूर हो जाते हैं और जीवन सुखद हो जाता है।

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